छात्र पर पैलेट गन हमले से मचा हड़कंप
छात्र पर पैलेट गन से हमले का आरोप: पीड़ित साहिल को न्याय दिलाने और FIR दर्ज करने की मांग तेज
नई दिल्ली: 20 जुलाई को छात्रों पर हुए पैलेट गन हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना में गंभीर रूप से घायल छात्र साहिल की स्थिति को लेकर परिजनों, छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश है। साहिल की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर में 200 से अधिक छर्रे (Pellets) लगे हैं, जिनमें से 3 छर्रे उसकी आंख में धंस गए हैं, जिससे उसने अपनी आंख की रोशनी खो दी है। इसके अतिरिक्त उसके दिल के पास भी छर्रे मौजूद हैं, जिन्हें डॉक्टरों के मुताबिक निकालना बेहद जोखिम भरा है।
पुलिस की कार्रवाई और ऊपर से आदेश का आरोप मामले में दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनकी ओर से पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। वहीं प्रदर्शनकारियों और परिजनों का सवाल है कि यदि पुलिस ने गोलियां या छर्रे नहीं चलाए, तो यह गंभीर अपराध किसने अंजाम दिया? प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऊपर से इस मामले में FIR दर्ज न करने के निर्देश मिले हैं।
FIR दर्ज होने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान घटना के खिलाफ एकजुट हुए लोगों और छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक इस आपराधिक घटना के संबंध में एफआईआर (FIR) दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग साहिल और उसके परिवार के लिए त्वरित न्याय और घटना की निष्पक्ष जांच की है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

