फर्जी IAS विप्रा शर्मा पर लगेगा गैंगस्टर
फर्जी IAS विप्रा शर्मा और उसके गिरोह पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट: 44 मुकदमों के बाद पुलिस ने तैयार किया गैंग चार्ट
बरेली: सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा और उसके गिरोह पर पुलिस प्रशासन गैंगस्टर एक्ट के तहत शिकंजा कसने जा रहा है। गिरोह के आपराधिक इतिहास को देखते हुए पुलिस ने गैंग चार्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विप्रा और उसकी बहनों के खिलाफ अब तक बरेली के बारादरी और सुभाष नगर थानों समेत कुल 44 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
खुद को आईएएस बताकर की करोड़ों की ठगी ठगी का खुलासा अप्रैल में हुआ था, जब बारादरी थाना क्षेत्र निवासी प्रीति लायल ने मुकदमा दर्ज कराया। विप्रा ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और लाखों रुपये ऐंठ लिए। 28 अप्रैल को पहला मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने 29 अप्रैल को विप्रा और उसकी बहनों (शिखा शर्मा व दीक्षा पाठक) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जहाँ से उनके पास से लग्जरी कार और कई मोबाइल बरामद हुए थे।
बरेली मंडल के कई जिलों में फैला जाल फर्जी आईएएस की पोल खुलने के बाद बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जैसे पड़ोसी जिलों से भी पीड़ित सामने आए। महज 5 महीनों के भीतर विप्रा, उसकी बहनों और पिता के खिलाफ मुकदमों की संख्या 44 तक पहुँच गई। मुकदमों की अधिकता के चलते आरोपियों को अब तक जमानत नहीं मिल सकी है। पुलिस अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई कर अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की तैयारी में है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

