रेलवे, सेना और डाक विभाग में नौकरी का देते थे लालच
यूपी एसटीएफ का बड़ा एक्शन: सरकारी नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 2 सदस्य मुरादाबाद से गिरफ्तार
मुरादाबाद/मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की मेरठ फील्ड इकाई ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मुरादाबाद जनपद से गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह गिरोह युवाओं को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और नकली आई-कार्ड देकर ठगता था।
देर रात नूरी चौराहे के पास से हुई गिरफ्तारी
प्रेस नोट संख्या 200 के अनुसार, यह कार्रवाई 2 जुलाई 2026 को तड़के (सुबह) करीब 02:25 बजे अमल में लाई गई। एसटीएफ मेरठ इकाई के उप-निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी सितम सिंह, जोशी कुमार, प्रताप सिंह और जयवर्धन की टीम मुरादाबाद में आपराधिक खुफिया जानकारी जुटाने के दौरान सक्रिय थी। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि युवाओं से धोखाधड़ी करने वाला गिरोह डिलारी क्षेत्र में मौजूद है। एसटीएफ ने तत्काल स्थानीय पुलिस को साथ लेकर घेराबंदी की और नूरी चौराहा नगर पंचायत ढकिया के पास टंकी वाले रास्ते से दोनों अभियुक्तों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
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असरफ अली पुत्र सलीम अहमद — निवासी: ग्राम-ढकिया पीरू, थाना डिलारी, जनपद-मुरादाबाद।
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विवेक पुत्र राधेश्याम — निवासी: ग्राम-जरगाँव, थाना बिलारी, जनपद-मुरादाबाद (हाल पता: म.न. 81, आवास विकास कॉलोनी, चंदौसी, जनपद संभल)।
बरामदगी:
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03 अदद मोबाइल फोन
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1740 रुपये नकद
रेलवे, सेना और डाक विभाग में नौकरी का देते थे लालच
एसटीएफ की कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी बेहद शातिराना कार्यप्रणाली (एमओ) का खुलासा करते हुए बताया:
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8 से 10 लाख की वसूली: यह गिरोह सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले सीधे-साधे युवकों को भारतीय रेलवे, भारतीय सेना, भारतीय डाक विभाग, भारतीय वन रक्षक, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली पावर कॉर्पोरेशन जैसे प्रतिष्ठित विभागों में नौकरी दिलाने का लालच देकर प्रति अभ्यर्थी 8 से 10 लाख रुपये ऐंठ लेता था।
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दिल्ली से मेल होते थे फर्जी लेटर: पैसे लेने के बाद गिरोह के सदस्य दिल्ली में बैठे अपने सहयोगियों के जरिए पीड़ितों के ई-मेल आईडी पर हूबहू असली जैसे दिखने वाले फर्जी व कूट रचित (Fake) ज्वाइनिंग लेटर भिजवा देते थे।
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होटल में रुकवाकर फर्जी ट्रेनिंग: ज्वाइनिंग वाले दिन ये लोग अभ्यर्थियों को दिल्ली बुलाते थे। उन्हें संबंधित सरकारी विभाग के दफ्तरों के आस-पास घुमा-फिराकर पास के ही किसी होटल में ठहरा देते थे। इसके बाद एक-दो दिन में उन्हें फर्जी तरीके से तैयार आई-कार्ड थमा दिया जाता और होटल या आस-पास ही एक सप्ताह की नकली ट्रेनिंग करवाकर “दोबारा बुलावा आने” की बात कहकर वापस घर भेज देते थे।
2 साल में 25 से अधिक युवाओं को बनाया शिकार
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे पिछले 2 साल से भी अधिक समय से ठगी का यह धंधा धड़ल्ले से चला रहे हैं। अब तक वे लगभग 20 से 25 बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की चपत लगा चुके हैं। गिरोह के सरगना और दिल्ली से जुड़े अन्य लिंक की तलाश की जा रही है।
यह पूरा ऑपरेशन अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) एसटीएफ फील्ड इकाई मेरठ, श्री बृजेश कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में पूरा किया गया। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना कोतवाली डिलारी (मुरादाबाद) में मुकदमा अपराध संख्या 130/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज कराया गया है। मामले की आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

129 किलोग्राम अवैध गांजा (कीमत लगभग 32 लाख रुपये!
