STF भोपाल से दो साइबर ठग गिरफ्तार
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 80 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के 02 सदस्य भोपाल से गिरफ्तार; यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
(लखनऊ/भोपाल): उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम थाने की संयुक्त टीम को साइबर ठगों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है । टीम ने विभिन्न कंपनियों और शेयर बाजार (Share Market) में निवेश के नाम पर लोगों से 80 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया है ।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले हैं:
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सिरमोहर धाकड़: पुत्र मातादीन, निवासी- 121/1 नारायण नगर, आर०एम० नगर, हुजूर, भोपाल (म०प्र०) ।
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पवन कुमार तिवारी: पुत्र रामेश्वर तिवारी, निवासी- 121/1 नारायण नगर, कोलार रोड, भोपाल (म०प्र०) ।
गिरफ्तारी का समय और स्थान
दोनों अभियुक्तों को दिनांक 20 मई 2026 को दोपहर 14:00 बजे मध्य प्रदेश के भोपाल जनपद के थाना हबीबगंज क्षेत्र से पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया ।
लखनऊ के साइबर क्राइम थाने में दर्ज था मुकदमा
यूपी एसटीएफ को पिछले कुछ समय से स्थानीय और परिचित लोगों को शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह की सूचनाएं मिल रही थीं । इस संबंध में लखनऊ के थाना साइबर क्राइम में मु०अ०सं० 8/26, धारा 318(4), 319 (2) बीएनएस व 66डी आई०टी० एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत था, जिसमें ये दोनों आरोपी वांछित चल रहे थे ।
अपर पुलिस अधीक्षक (STF) श्री सत्यसेन यादव द्वारा गठित टीम और साइबर क्राइम थाने के विवेचक निरीक्षक पंकज कुमार की टीम ने संयुक्त रूप से सर्विलांस और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर इन आरोपियों को भोपाल में ट्रैक किया और दबोच लिया ।
फर्जी बैंक खातों और सोशल मीडिया के जरिए बिछाते थे जाल
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने ठगी के इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है:
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व्हाट्सएप और सोशल मीडिया का इस्तेमाल: यह गिरोह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप (WhatsApp) कॉल के जरिए लोगों से संपर्क साधता था और उन्हें कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देता था ।
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बैंक खाते: जब कोई व्यक्ति निवेश के लिए तैयार हो जाता, तो आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से खुलवाए गए बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करवा लेते थे ।
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रकम का बंटवारा: ठगी की रकम खाते में आते ही गिरोह के सदस्य अपनी वरिष्ठता (सीनियरिटी) के क्रम में उस पैसे को आपस में बांट लेते थे ।
जांच और बैंक खातों के सत्यापन में यह भी पाया गया कि इन खातों का उपयोग धोखाधड़ी की रकम को छिपाने और उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित (Transfer) करने के लिए किया जा रहा था ।
अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी
यूपी एसटीएफ और साइबर टीम के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों अभियुक्तों को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) पर लिया गया है । आरोपियों को लखनऊ लाकर गिरोह के अन्य सदस्यों और बैंक खातों के नेटवर्क के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई व पूछताछ की जा रही है ।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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