जल जीवन और स्वच्छ भारत मिशन पर गहन मंथन

शेखपुरा: जल-स्वच्छता योजनाओं की समीक्षा बैठक, डीएम शेखर आनंद बोले— लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय पर मिले साफ पानी

शेखपुरा (बिहार): जिले में आम जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता अभियानों को गति देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। शनिवार को जिलाधिकारी (DM) शेखर आनंद की अध्यक्षता में समाहरणालय के मंथन सभागार में ‘जिला जल एवं स्वच्छता समिति’ और ‘जिला जल एवं स्वच्छता मिशन’ की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में चल रही विभिन्न पेयजल व स्वच्छता योजनाओं की जमीनी प्रगति का बारीकी से जायजा लिया गया।

जिलाधिकारी (DM) के 4 सख्त निर्देश

समीक्षा के दौरान योजनाओं की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी शेखर आनंद ने संबंधित अधिकारियों को चार बेहद कड़े निर्देश जारी किए:

  1. समय-सीमा में पूरा हो काम: डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी चालू योजनाओं का क्रियान्वयन तय समय-सीमा के भीतर और पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। आम जनता को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  2. खराब स्रोत तुरंत ठीक हों: बंद या तकनीकी रूप से खराब पड़ी जलापूर्ति योजनाओं के नियमित संचालन के लिए उन्होंने डैमेज पड़े वाटर सोर्स (जलापूर्ति स्रोतों) की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी क्षेत्र में पानी का संकट न हो।

  3. नियमित जल गुणवत्ता जांच: लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पानी की शुद्धता (क्वालिटी) की नियमित जांच करने और ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों में आम लोगों की जनभागीदारी (Public Participation) बढ़ाने पर जोर दिया गया।

  4. सतत निगरानी और आपसी समन्वय: डीएम ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर योजनाओं की सतत निगरानी करने और आपस में बेहतर तालमेल बिठाकर काम करने को कहा। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जल जीवन और स्वच्छ भारत मिशन पर गहन मंथन

बैठक में केंद्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं— ‘जल जीवन मिशन’ और ‘स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)’ के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। धरातल पर काम करने के दौरान आ रही व्यावहारिक और वित्तीय समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), निदेशक डीआरडीए (DRDA), जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से जुड़े विभिन्न तकनीकी विभागों के मुख्य अभियंता व अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।


रिपोर्ट: उमेश कुमार, शेखपुरा (बिहार)

(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 (एडिटर (Allrights Magazine)

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