100 तोतों के साथ तस्कर आमिर गिरफ्तार
गोरखपुर से 100 रोजरिंग तोतों के साथ अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर आमिर गिरफ्तार; यूपी-बिहार और बंगाल तक फैला था नेटवर्क
(गोरखपुर): उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतर्राज्यीय स्तर पर प्रतिबंधित और संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की टीम ने जनपद गोरखपुर से गिरोह के एक मुख्य तस्कर को क्रूरतापूर्वक झोलों में बंद करके रखे गए रोजरिंग प्रजाति के 100 तोतों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
एयरपोर्ट बस स्टैंड के पास से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (STF लखनऊ) श्री दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में की गई:
-
तस्कर की पहचान: गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान आमिर पुत्र अब्दुल कादिर के रूप में हुई है, जो गोरखपुर के थाना तिवारीपुर क्षेत्र का निवासी है।
-
गुप्त सूचना पर एक्शन: एसटीएफ के उपनिरीक्षक हरीश सिंह चौहान, मुख्य आरक्षी विनोद कुमार यादव, पवन सिंह विशेन और सुनील कुमार यादव की टीम गोरखपुर में आपराधिक इनपुट जुटा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि प्रतिबंधित तोतों की एक बड़ी खेप लेकर एक तस्कर गोरखपुर से पटना (बिहार) जाने की फिराक में है।
-
वन विभाग के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन: एसटीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वन प्रभाग गोरखपुर (रेंज तिलकोनियाँ) की टीम को साथ लिया। थाना गुलहरिया क्षेत्र के अंतर्गत नंदानगर बस स्टैंड (एयरपोर्ट के पास) घेराबंदी कर अभियुक्त आमिर को दबोच लिया गया।
स्कूटी, पिंजरा और क्रूरता से ठूंसे गए 100 तोते बरामद
गिरफ्तारी के बाद जब मौके पर तलाशी ली गई, तो वन्यजीवों के प्रति बरती गई बेरहमी को देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए:
-
बरामदगी की सूची: तस्कर के पास से 01 बड़ा पिंजरा, 03 अलग-अलग झोले जिनमें निर्दयतापूर्वक 100 रोजरिंग तोते ठूंसे गए थे, और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक टीडीएस जुपिटर स्कूटी (रजिस्ट्रेशन संख्या: UP53EE2285) बरामद की गई है।
पूछताछ में कबूला— “मुनाफे के चक्कर में शुरू किया प्रतिबंधित पक्षियों का धंधा”
एसटीएफ की कड़ाई से की गई पूछताछ में अभियुक्त आमिर ने वन्यजीव तस्करी के इस बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया:
“हमारा परिवार कई पीढ़ियों से पक्षियों के सामान्य व्यापार से जुड़ा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस धंधे में मुनाफा कम होने लगा, जिसके बाद हमने ज्यादा पैसों के चक्कर में प्रतिबंधित पक्षियों की तस्करी शुरू कर दी। इन तोतों की बाजार में बहुत ऊंची कीमत मिलती है। हम लोग गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के संरक्षित जंगलों से अवैध रूप से जाल बिछाकर भारी मात्रा में तोते और अन्य दुर्लभ पक्षी मंगाते हैं और उन्हें उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पश्चिम बंगाल के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेच देते हैं।”
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
गिरफ्तार अभियुक्त आमिर के खिलाफ वन प्रभाग गोरखपुर (रेंज तिलकोनियाँ) में केस संख्या 08/26 के तहत वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न गंभीर धाराओं (धारा 2, 9, 39, 48, 49(ख), 50, 57 और 16(घ)) में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। वन विभाग की टीम द्वारा आगे की विधिक व अदालती कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ अब इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों और जंगलों से पक्षी पकड़ने वाले स्थानीय शिकारियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

लापरवाह सरकार, लक्ष्मी नगर बेहाल!
