बरेली: ₹198 करोड़ की ड्रग्स नष्ट
बरेली पुलिस का ‘ऑपरेशन दहन’: ₹198.63 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थों को किया गया जमींदोज, एसपी नॉर्थ ने दी जानकारी
बरेली: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत जनपद बरेली पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल हुआ है। बरेली पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” के अंतर्गत लगभग ₹198.63 करोड़ के भारी बाजार मूल्य वाले जब्त किए गए नशीले और मादक पदार्थों को पूरी तरह से विनिष्टीकरण (Destroy) कराकर नष्ट कर दिया गया है।
इस बेहद संवेदनशील और बड़े ऑपरेशन के सफल संपादन को लेकर जनपद के पुलिस अधीक्षक उत्तरी (SP NORTH) श्री मुकेश चन्द्र मिश्र ने आधिकारिक बयान (बाइट) जारी कर विस्तृत जानकारी साझा की है।
“ऑपरेशन दहन” के मुख्य बिंदु और एसपी नॉर्थ की बड़ी बातें:
नशीले पदार्थों के खिलाफ बरेली पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता के तमाम मानकों का पालन किया गया:
-
करोड़ों की नशीली दवाएं खाक: विभिन्न मुकदमों और छापेमारी के दौरान जब्त की गई स्मैक, अफीम, चरस और अन्य प्रतिबंधित नशीली दवाओं (जिनकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹198.63 करोड़ आंकी गई है) को निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत पूरी तरह नष्ट किया गया।
-
पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया: एसपी नॉर्थ श्री मुकेश चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह विनिष्टीकरण उच्च न्यायालय और पर्यावरण विभाग के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत गठित एक उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की सीधी निगरानी में संपन्न कराया गया है।
-
ड्रग्स माफियाओं की टूटी कमर: “ऑपरेशन दहन” के तहत की गई इस कार्रवाई से सीमावर्ती जिलों और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय ड्रग्स सिंडिकेट और तस्करों के आर्थिक तंत्र को बहुत बड़ा झटका लगा है।
बरेली पुलिस की खुली चेतावनी: नशा मुक्त समाज ही लक्ष्य
एसपी नॉर्थ ने अपनी बाइट में साफ तौर पर स्पष्ट किया कि बरेली पुलिस महानिदेशक और शासन की मंशा के अनुरूप जनपद को पूरी तरह से ‘ड्रग-फ्री’ बनाने के लिए कटिबद्ध है। युवाओं के भविष्य को गर्त में धकेलने वाले नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बरेली पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री में शामिल पाया जाता है, तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
(Gopal Chandra Agarwal, Editor) (Editor, Allrights Magazine)

लखनऊ: ₹1 लाख का इनामी शूटर गिरफ्तार!
https://wp.me/p9lpiM-OB1मजदूरों के लिए नई मुआवज़ा नीति
