यूपी में जनगणना कार्य की समीक्षा बैठक
यूपी में जनगणना कार्य की हाई-लेवल समीक्षा: मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की दो-टूक— ‘लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर होगी जेल और कठोर कार्रवाई’
विशेष प्रशासनिक रिपोर्ट
(लखनऊ): उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जनगणना के महाभियान को समयबद्ध और त्रुटिहीन तरीके से अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सख्त रुख अपना चुकी है। प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के ७ प्रमुख जनपदों में चल रहे जनगणना कार्यों की एक गहन और विस्तृत समीक्षा बैठक की [cite: मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 7 जनपदों में जनगणना कार्य की समीक्षा बैठक की, लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशाम्बी, झांसी, लखनऊ, गोंडा एवं गौतमबुद्धनगर जनपदों में संचालित जनगणना कार्य की विस्तृत समीक्षा की।]।
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों (DM) और नगर आयुक्तों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनावश्यक देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा [cite: जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं, मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को स्वीकार नहीं किया जाएगा।]।
इन ७ जनपदों के जिलाधिकारियों की थामी कमान
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से प्रदेश के उन जिलों की प्रगति रिपोर्ट खंगाली, जहां काम की रफ्तार और प्रशासनिक तालमेल को और मजबूत करने की आवश्यकता है:
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समीक्षा के दायरे में आए जिले: फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशाम्बी, झांसी, लखनऊ, गोंडा और गौतमबुद्धनगर [cite: लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशाम्बी, झांसी, लखनऊ, गोंडा एवं गौतमबुद्धनगर जनपदों में संचालित जनगणना कार्य की विस्तृत समीक्षा की।]।
हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (मकान सूचीकरण) समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट रोडमैप पर काम करने के निर्देश जारी किए:
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दैनिक समीक्षा के आदेश: भारत सरकार के स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है [cite: मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जनगणना कार्य की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।]। इसलिए सभी जिलों के शीर्ष अधिकारी भी अपने स्तर पर जनगणना कार्य की दैनिक समीक्षा (Daily Review) करें।
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समयसीमा का पालन: जनगणना के पहले चरण के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से यानी ‘मकान सूचीकरण’ (House Listing Operation) के काम को हर हाल में निर्धारित समयसीमा के भीतर ही पूरा करना होगा।
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जमीनी समस्याओं का त्वरित समाधान: फील्ड में प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों को डेटा फीडिंग या मैपिंग में आने वाली किसी भी व्यावहारिक समस्या का जिला प्रशासन तत्काल मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करे।
सहयोग न करने वाले कर्मचारियों पर लगेगा ‘जनगणना अधिनियम’
अक्सर देखा जाता है कि कई विभागों के कर्मचारी जनगणना ड्यूटी को गंभीरता से नहीं लेते, इस पर मुख्य सचिव ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है:
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अधिनियम के तहत जेल और जुर्माना: मुख्य सचिव ने साफ आदेश दिया है कि जो भी सरकारी कार्मिक, शिक्षक या अधिकारी इस कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहे हैं या टालमटोल कर रहे हैं, उनके खिलाफ जनगणना अधिनियम (Census Act) की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए [cite: जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत की जाए नियमानुसार कठोर कार्रवाई, उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।]।
धीमी प्रगति वाले गणना ब्लॉकों (Enumeration Blocks) पर विशेष फोकस
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि जहां भी आंकड़े जुटाने की गति धीमी है, वहां अतिरिक्त जनशक्ति (मैनपावर) लगाकर लक्ष्यों को हासिल किया जाए:
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विश्वसनीयता और पारदर्शिता: समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से गणना ब्लॉकों का काम पूरा होने से पूरी प्रक्रिया को रफ्तार मिलेगी। इससे देश के नीति-निर्धारण के लिए तैयार होने वाले आंकड़ों (Data) की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रदेश की निदेशक (जनगणना कार्य) श्रीमती शीतल वर्मा सहित राजभवन और सचिवालय से जुड़े कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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