नारको-टेरर फंडिंग: ED की बड़ी रेड
नारको-टेरर फंडिंग पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का बड़ा शिकंजा: पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 9 ठिकानों पर छापेमारी, ₹49.9 लाख के बैंक खाते फ्रीज
विशेष सुरक्षा एवं अपराध ब्यूरो: जम्मू / चंडीगढ़
सीमा पार से चलाए जा रहे आतंकवाद और ड्रग्स के अवैध कारोबार (नारको-टेररिज्म) के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED), जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 23 जुलाई 2026 को पंजाब और जम्मू-कश्मीर (नियंत्रण रेखा – LoC के निकट) के कुल 9 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज किए गए नारको-टेरर फंडिंग से जुड़े मामलों की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है।
कैसे काम करता था नारको-टेरर सिंडिकेट?
ईडी की जांच में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच फैले एक सुव्यवस्थित और बहु-स्तरीय (Multi-layered) नारको-टेरर फंडिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है:
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पाकिस्तान कनेक्शन और LoC के जरिए तस्करी: आतंकवादी संगठन ‘हिजबुल मुजाहिदीन’ से जुड़े पाकिस्तान आधारित हैंडलर्स के इशारे पर कुपवाड़ा (कश्मीर) के स्थानीय ऑपरेटिव्स—समीर अहमद और कफील अहमद—अमरोही बॉर्डर और LoC के आसपास के इलाकों से हेरोइन की तस्करी भारत में कराते थे।
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ट्रक के टायरों में छिपाकर तस्करी: एक मामले में 35 पैकेट हेरोइन मंगाई गई थी, जिसमें से 5 पैकेट स्थानीय स्तर पर रखे गए और 30 पैकेट (लगभग 31 किलोग्राम) एक ट्रक के टायर में छिपाकर श्रीनगर भेजे गए। सितंबर 2023 में बनिहाल के पास सुरक्षा बलों ने पंजाब के कैरियर्स सरबजीत सिंह और हनी बसरा को इस खेप के साथ पकड़ा था।
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पंजाब नेटवर्क और फर्जी दस्तावेज: पंजाब की तरफ इस नेटवर्क को सतनाम सिंह और मंजीत सिंह उर्फ मान संभाल रहे थे। ये लोग फर्जी दस्तावेजों, नकली वाहन कागजों और गुप्त खानों (Cavities) वाली गाड़ियों का इस्तेमाल कर हेरोइन की ढुलाई और वितरण करते थे।
जांच के मुताबिक, इस गिरोह ने कश्मीर से पंजाब के बीच कुल 60 किलोग्राम से अधिक हेरोइन की तस्करी की और इससे मिले पैसों (Proceeds of Crime) का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित (Fund) करने के लिए किया गया।
बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन और बड़ी जब्ती
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मंजीत सिंह उर्फ मान और सरबजीत सिंह के बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा (Cash Deposits) किए गए थे। सीमावर्ती और LoC से सटे इलाकों में की गई इन छापों से सीमा पार से चल रहे ड्रग्स और आतंक के गठजोड़ की वित्तीय कड़ियों को तोड़ने में मदद मिली है।
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बरामदगी: तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंक खाता रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
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खाते फ्रीज: जांच एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में जमा लगभग ₹49.9 लाख की राशि को फ्रीज कर दिया है।
मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के अन्य पहलुओं और नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों की तलाश के लिए आगे की जांच जारी है।
सुरक्षा एवं अपराध ब्यूरो: जम्मू / चंडीगढ़
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क
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