ED की बड़ी कार्रवाई: 1906 Cr की संपत्ति जप्त
ऑनलाईन रम्मी ऐप ‘रम्मीकल्चर’ पर ED का बड़ा शिकंजा: ‘गेम्सक्राफ्ट’ की ₹1,906 करोड़ की संपत्ति अनंतिम रूप से जब्त, कुल जब्ती ₹2,401 करोड़ पहुंची
विशेष आर्थिक एवं अपराध ब्यूरो: बेंगलुरु / नई दिल्ली
रिपोर्ट: सोनू कुमार (पत्रकार)
प्रवर्तन निदेशालय (ED), बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (M/s. Gameskraft Technologies Pvt. Ltd.), इसके शेयरधारकों और संबद्ध संस्थाओं की लगभग ₹1,906 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से जब्त (Provisionally Attached) कर लिया है।
यह कार्रवाई ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग (Real-Money Gaming) ऐप ‘रम्मीकल्चर’ (RummyCulture) और अन्य से जुड़े धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत 22 जुलाई 2026 को जारी आदेश के आधार पर की गई है।
कौन-कौन सी संपत्तियां हुई जब्त?
ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में शामिल हैं:
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बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और म्यूचुअल फंड।
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कंवर्टिबल नोट्स और इक्विटी शेयर्स।
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कंपनी के शेयरधारकों, उनके परिवार के सदस्यों, प्राइवेट फैमिली ट्रस्ट्स और सहयोगी संस्थाओं के नाम पर दर्ज फार्महाउस, आवासीय (Residential) और वाणिज्यिक (Commercial) अचल संपत्तियां।
धोखाधड़ी का जाल: बोट्स (BOTs) का इस्तेमाल कर छात्रों व युवाओं को लगाया चूना
तेलंगाना पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी (FIRs) के आधार पर शुरू हुई ईडी की जांच में चौकाने वाले खुलासे हुए हैं:
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प्रतिबंधित राज्यों में अवैध संचालन: कंपनी द्वारा RummyCulture, RummyPrime, Playship और RummyTime जैसे ब्रांड्स के तहत करीब 3 करोड़ यूजर्स को जोड़ा गया। इनमें से बड़ा हिस्सा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे उन राज्यों से था जहां ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग पर बैन है।
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BOTs (ऑटोमेटेड प्रोग्राम) से धोखाधड़ी: निष्पक्ष गेमिंग का झूठा आश्वासन देकर आम यूज़र्स के खिलाफ सीक्रेट बोट्स (BOTs/Algorithms) उतारे गए, जिससे यूज़र्स को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और कंपनियों ने कमीशन के रूप में ‘अपराध की आय’ (Proceeds of Crime) अर्जित की।
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लत लगाने वाली रणनीतियां: यूज़र्स को लुभाने के लिए ₹1,035 करोड़ मार्केटिंग और प्रमोशन पर खर्च किए गए। इसके अलावा विड्रॉल पर 5% से 10% शुल्क थोपा गया तथा यूज़र्स के पैसों को ‘गेम कैश’ में बदलने के लिए गुमराह किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग और कुल जब्ती ₹2,401 करोड़
ईडी की जांच में पाया गया कि धोखाधड़ी से अर्जित रकम को छिपाने के लिए शेयरधारकों को डिविडेंड का भुगतान, शेयरों की पुनर्खरीद (Buy-back), म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और लग्जरी प्रॉपर्टीज में निवेश कर इसे सफेद (Untainted Property) बनाने की कोशिश की गई।
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मई और जून 2026 की छापेमारी: इससे पहले मई और जून 2026 में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान डिजिटल साक्ष्य, ₹11 लाख नकद और 2.30 किलोग्राम सोना/हीरे के आभूषण जब्त किए गए थे।
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कुल जब्ती: पूर्व में फ्रीज की गई ₹495 करोड़ की संपत्ति को मिलाकर इस मामले में अब तक कुल जब्ती व जब्तीकरण का आंकड़ा लगभग ₹2,401 करोड़ तक पहुंच गया है।
मामले में आगे की जांच जारी है।
आर्थिक एवं अपराध ब्यूरो: बेंगलुरु / नई दिल्ली
सीनियर एडिटर गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
ALL rights magazine (डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क
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