PM मोदी का लगातार 12 साल का रिकॉर्ड
PM मोदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: नेहरू को पीछे छोड़ बने सबसे लंबे समय तक रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री, इन आर्थिक फैसलों ने बदली देश की तस्वीर
(नई दिल्ली): १० जून २०२६ की तारीख देश के लोकतांत्रिक इतिहास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड दर्ज करा गई। पीएम मोदी ने लगातार १२ साल (४,३९८ दिन) निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का पंडित जवाहर लाल नेहरू का ४,३९७ दिनों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया है [cite: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रहकर पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा है।, नई दिल्ली। 10 जून 2026 की तारीख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लिए बेहद खास है। क्योंकि, इस दिन उन्होंने सबसे लंबे वक्त तक प्राइम मिनिस्टर बने रहने का पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पीएम मोदी (PM Modi Record) ने लगातार 12 साल निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का पंडित नेहरू का 4397 दिनों का रिकॉर्ड ब्रेक किया है।]। पंडित नेहरू का कुल कार्यकाल हालांकि करीब १७ साल का था, लेकिन शुरुआती वर्षों में वह अंतरिम प्रधानमंत्री थे। लगातार निर्वाचित सरकार के मुखिया के तौर पर अब पीएम मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधान सेवक बन गए हैं, और खास बात यह है कि वर्तमान कार्यकाल में अभी भी उनके पास ३ साल का समय शेष है [cite: खास बात है कि प्रधानमंत्री के तौर पर अब भी उनके पास 3 साल का कार्यकाल बाकी है।]।
१२ साल के इस लंबे सफर में मोदी सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और आम आदमी को केंद्र में रखकर कई ऐसे बड़े आर्थिक सुधार और नीतिगत फैसले लागू किए, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा और दशा दोनों बदल दी [cite: उनके कार्यकाल में जन धन योजना, नोटबंदी, जीएसटी, IBC, RERA जैसे कई बड़े आर्थिक फैसले लिएपीएम मोदी ने लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया।, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत से अर्थव्यवस्था को गति दी।]।
आइए नजर डालते हैं पीएम मोदी के कार्यकाल के उन प्रमुख आर्थिक फैसलों पर, जो गेमचेंजर साबित हुए:
१. जन धन योजना: वित्तीय समावेशन की सबसे बड़ी क्रांति
साल २०१४ में सरकार में आते ही पीएम मोदी ने ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ (PMJDY) की शुरुआत की।
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असर: करोड़ों गरीब और वंचित परिवारों के शून्य शेष (Zero Balance) पर बैंक खाते खोले गए। इसने देश के हर नागरिक को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा।
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फायदा: इसी योजना की नींव पर डीबीटी (Direct Benefit Transfer) संभव हो सका, जिससे सरकारी योजनाओं का पैसा (जैसे किसान सम्मान निधि, सब्सिडी) बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचने लगा और भ्रष्टाचार पर लगाम कसी।
२. जीएसटी (GST): ‘एक देश, एक टैक्स’ का सपना सच
१ जुलाई २०१७ की आधी रात से देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया। इसने आजादी के बाद के सबसे अमूर्त और जटिल टैक्स ढांचे को पूरी तरह बदल दिया।
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असर: राज्यों और केंद्र के दर्जनों अप्रत्यक्ष करों (Indirect Taxes) को खत्म कर ‘वन नेशन, वन टैक्स’ की व्यवस्था लागू हुई।
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फायदा: टैक्स चोरी रुकी, राज्यों के बीच व्यापार सुगम हुआ और आज हर महीने रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन देश के मजबूत आर्थिक पहिए की गवाही दे रहा है।
३. नोटबंदी: डिजिटल इकोनॉमी को मिला बूस्टर
८ नवंबर २०१६ को लिया गया ५०० और १००० रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला मोदी सरकार के सबसे चौंकाने वाले और कड़े कदमों में से एक था।
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असर: हालांकि इसे लेकर राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर लंबी बहस चली, लेकिन इसने देश में कैश-आधारित अर्थव्यवस्था की निर्भरता को तोड़ दिया।
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फायदा: इस फैसले ने भारत में डिजिटल भुगतान (UPI) की ऐसी क्रांति को जन्म दिया कि आज भारत दुनिया में सबसे ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाला देश बन चुका है।
४. IBC और RERA: बैंकिंग और रियल एस्टेट में आया अनुशासन
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Insolvency and Bankruptcy Code (IBC): कंपनियों के दिवालिया होने पर बैंकों का पैसा डूबने से बचाने और फंसे हुए कर्ज (NPA) की त्वरित वसूली के लिए यह कानून मील का पत्थर साबित हुआ। इसने क्रोनी कैपिटलिज्म पर कड़ा प्रहार किया।
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RERA (रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट): घर खरीदारों को बिल्डरों की मनमानी से बचाने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए रेरा कानून लागू किया गया, जिससे आम आदमी की जीवनभर की पूंजी सुरक्षित हुई।
५. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत: ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनता भारत
घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ और महामारी के दौर में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की शुरुआत की गई।
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PLI स्कीम का जादू: प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, फार्मा और ऑटोमोबाइल जैसे १४ से अधिक क्षेत्रों में भारत न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रहा है, बल्कि बड़ा निर्यातक भी बन चुका है। आज एप्पल (Apple) जैसी दिग्गज कंपनियां भारत में बड़े पैमाने पर आईफोन का निर्माण कर रही हैं।
निष्कर्ष:
पंडित नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचने वाले पीएम मोदी के ये १२ साल भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की ५वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने और अब ‘तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति’ बनने की ओर अग्रसर करने के गवाह रहे हैं।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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