**रांची: रिम्स नर्सिंग कॉलेज को मिली नई प्राचार्य**

रांची: रिम्स नर्सिंग कॉलेज को मिली नई प्राचार्य, डॉ. शालिनी एस संभालेंगी कमान

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नया अध्याय

रांची। राजधानी रांची स्थित राज्य के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के नर्सिंग कॉलेज के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। लंबे समय से स्थायी नेतृत्व का इंतजार कर रहे रिम्स नर्सिंग कॉलेज को आखिरकार नई प्राचार्य मिल गई हैं। वरिष्ठ शिक्षाविद और प्रशासनिक विशेषज्ञ डॉ. शालिनी एस को रिम्स नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य (प्रिंसिपल) पद पर आधिकारिक रूप से नियुक्त किया गया है।
इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के साथ ही संस्थान के शैक्षणिक माहौल में नए उत्साह और ऊर्जा का संचार देखा जा रहा है। रिम्स प्रबंधन की ओर से आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में उन्हें औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपा गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सौंपा गया नियुक्ति पत्र

रिम्स के प्रशासनिक भवन में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान रिम्स निदेशक ने स्वयं डॉ. शालिनी एस को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर संस्थान के डीन, चिकित्सा अधीक्षक, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान रिम्स प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि डॉ. शालिनी एस के नेतृत्व में नर्सिंग कॉलेज शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और व्यावहारिक प्रशिक्षण के नए मानकों को स्थापित करेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए संस्थान के सर्वांगीण विकास में उनके अनुभवों के बेहतर इस्तेमाल की कामना की।

टाटा मेन अस्पताल जमशेदपुर से रिम्स तक का सफर

डॉ. शालिनी एस का शैक्षणिक और प्रशासनिक करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। रिम्स में योगदान देने से पूर्व वह जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित टाटा मेन अस्पताल (TMH) कॉलेज ऑफ नर्सिंग में अपनी सेवाएं दे रही थीं। वहां उन्होंने नर्सिंग शिक्षा को आधुनिक दिशा देने और विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जमशेदपुर के इस प्रमुख संस्थान में उनके लंबे कार्यकाल और अनुभव का सीधा लाभ अब रांची के रिम्स नर्सिंग कॉलेज और यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा। प्रशासनिक प्रक्रियाओं और राहत कार्यों को अंतिम रूप दिए जाने के तुरंत बाद उनके रिम्स में पदभार ग्रहण करने की पूरी संभावना है।

रिम्स नर्सिंग कॉलेज के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह नियुक्ति?

राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) न केवल झारखंड बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में रिम्स से संबद्ध नर्सिंग कॉलेज की भूमिका राज्य के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा कर्मियों (हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स) को तैयार करने में बेहद अहम हो जाती है।
  1. शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार: नई प्राचार्य के आने से पाठ्यक्रम को अधिक सुव्यवस्थित और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी।
  2. प्रैक्टिकल और क्लिनिकल ट्रेनिंग: टीएमएच जैसे कॉरपोरेट स्तर के अस्पताल में काम करने का डॉ. शालिनी का अनुभव रिम्स के छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण को और मजबूत करेगा।
  3. प्रशासनिक स्थिरता: लंबे समय से प्राचार्य पद के खाली रहने या प्रभार में चलने के कारण अटके हुए प्रशासनिक और शैक्षणिक फैसलों में अब तेजी आएगी।
  4. अनुसंधान और नवाचार: नर्सिंग के क्षेत्र में नए शोध, कार्यशालाओं और संगोष्ठियों का आयोजन बढ़ने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए कुशल नर्सिंग स्टाफ का होना पहली शर्त है। रिम्स नर्सिंग कॉलेज से हर साल सैकड़ों नर्सें स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर राज्य और देश के विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवाएं देती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. शालिनी एस की नियुक्ति से न केवल छात्रों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा, बल्कि अस्पताल प्रबंधन के साथ तालमेल बिठाकर मरीजों की देखभाल (Patient Care) के स्तर को भी और ऊंचा उठाया जा सकेगा।
रिम्स प्रबंधन और नर्सिंग कॉलेज के कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए नई प्राचार्य का स्वागत किया है।

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