सीएम योगी ने किया ‘स्वरोजगार मेला 2026’ का उद्घाटन

श्रम का सम्मान, स्वदेशी से स्वावलंबन: सीएम योगी ने किया ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला 2026’ का शुभारंभ

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): “श्रम का सम्मान, स्वदेशी से स्वावलंबन”— इसी पावन ध्येय के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में भगवान विश्वकर्मा जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित एक भव्य राज्यस्तरीय समारोह में हिस्सा लिया। सीएम योगी ने ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0’ के अंतर्गत ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला 2026’ पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा कारीगरों व उद्यमियों को त्वरित वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ‘मार्जिन मनी ऋण पोर्टल’ (Margin Money Loan Portal) का आधिकारिक शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हस्तशिल्पियों, कारीगरों और पारंपरिक स्वरोजगार से जुड़े श्रमिकों को आधुनिक टूलकिट और ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।

‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0’ और मार्जिन मनी पोर्टल की मुख्य बातें

राज्य के पारंपरिक कौशल को नई पहचान देने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

  • डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया: नए लॉन्च्ड मार्जिन मनी ऋण पोर्टल के माध्यम से अब राज्य के युवाओं और कारीगरों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों से मिलने वाली वित्तीय मदद और सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, पेपरलेस और त्वरित होगी।

  • स्वदेशी मेला 2026: लखनऊ में आयोजित इस तीन दिवसीय ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला 2026’ में प्रदेशभर के कुशल कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिससे ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को मजबूती मिलेगी।

  • टूलकिट और वित्तीय सहायता: मुख्यमंत्री ने विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण पूरा करने वाले हजारों लाभार्थियों को आधुनिक टूलकिट (Toolkit) वितरित किए ताकि वे अपनी कार्यकुशलता और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ा सकें।

“कारीगर और श्रमिक ही आत्मनिर्भर यूपी की रीढ़”: सीएम योगी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन और कौशल के देवता हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि:

  1. श्रमिकों का सम्मान: प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों—जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी और राजमिस्त्री—के हुनर को जब आधुनिक तकनीक और आसान ऋण से जोड़ा जाता है, तो वे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाते हैं।

  2. आत्मनिर्भरता की ओर कदम: ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0’ और स्वदेशी मेले का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाना है।

‘ऑल राइट्स मैगजीन’ प्रदेश के कारीगरों, श्रमिकों और स्वरोजगार से जुड़े सभी नागरिकों को भगवान विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं देती है और राज्य सरकार की इस कल्याणकारी पहल का स्वागत करती है।

 

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