पीयूष गोयल ने लॉन्च की हंगर फ्री वर्ल्ड योजना
मुंबई में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लॉन्च की ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ योजना; मालाबार ग्रुप कौशल विकास के छात्रों को देगा रोज मुफ्त पौष्टिक भोजन
रिपोर्ट मुंबई (अनिल बेदाग)
(मुंबई): किसी भी देश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए शिक्षा और तकनीकी कौशल जितने जरूरी हैं, उतना ही आवश्यक उनके शरीर के लिए उचित पोषण भी है। इसी दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतारने के लिए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने मुंबई के कांदिवली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी कौशल्य विकास केंद्र में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मालाबार ग्रुप की महत्वाकांक्षी ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ (Hunger Free World) पहल का शानदार शुभारंभ किया।
इस मानवीय और सामाजिक पहल के अंतर्गत केंद्र में व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण ले रहे १०० जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रतिदिन (रोजाना) मुफ्त पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा [cite: इस पहल के तहत केंद्र में अध्ययनरत 100 विद्यार्थियों को प्रतिदिन मुफ्त पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे बेहतर स्वास्थ्य के साथ अपने प्रशिक्षण और करियर निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर सकें।]। इससे ये छात्र अपने स्वास्थ्य की चिंता किए बिना पूरी एकाग्रता के साथ अपने प्रशिक्षण और करियर निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
पोषण से मजबूत होगी युवाओं के करियर की नींव: पीयूष गोयल
अटल बिहारी वाजपेयी कौशल्य विकास केंद्र में उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कौशल के साथ-साथ अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया:
“देश के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आज के बाजार के अनुरूप सार्थक रोजगार के लिए तैयार करने में कौशल विकास (Skill Development) की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रशिक्षण के दौरान पोषण जैसी आवश्यक बुनियादी सेवाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को संबल देना, उनके सीखने की क्षमता और व्यक्तिगत विकास को और अधिक मजबूत करने में बड़ी सहायता प्रदान करता है।” [cite: इस मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सार्थक रोजगार के लिए तैयार करने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। पोषण जैसी आवश्यक सेवाओं के माध्यम से विद्यार्थियों का समर्थन उन्हें सीखने और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता प्रदान करता है।” ]
— श्री पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री
यह विशेष योजना केवल दोपहर या सुबह का मुफ्त भोजन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले देश के भावी कर्णधारों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की एक मजबूत सामाजिक नींव रखने का एक बड़ा प्रयास है।
मालाबार ग्रुप ने सामाजिक कार्यों के लिए घोषित किया ₹200 करोड़ का भारी-भरकम बजट
स्वर्ण और हीरा आभूषण क्षेत्र के दिग्गज ‘मालाबार ग्रुप’ ने इस अवसर पर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक बड़ी वित्तीय घोषणा भी की:
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ऐतिहासिक सीएसआर बजट: मालाबार ग्रुप ने चालू वित्तीय वर्ष २०२६-२७ के लिए कुल २०० करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) व्यय की आधिकारिक घोषणा की है।
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इन ५ क्षेत्रों पर रहेगा मुख्य फोकस: इस विशाल फंड का बड़ा हिस्सा देश के पांच प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए खर्च किया जाएगा—
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शिक्षा (Education) का विस्तार।
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भूख उन्मूलन (Hunger Eradication) और पोषण सुरक्षा [cite: जो शिक्षा, भूख उन्मूलन, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सामाजिक परिवर्तन को गति देगा।]।
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स्वास्थ्य सेवाएं (Healthcare) सुलभ कराना।
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महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)।
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पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection)।
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पोषण और शिक्षा का गहरा संबंध: चेयरमैन एम.पी. अहमद
इस संयुक्त सामाजिक विजन पर अपनी बात रखते हुए मालाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद ने सरकार और कॉर्पोरेट सेक्टर के साथ आने के महत्व को समझाया:
“वास्तव में पोषण (Nutrition) और शिक्षा (Education) एक-दूसरे से बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं। एक खाली पेट कभी भी एकाग्रता से नई चीजें नहीं सीख सकता। ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ के माध्यम से हमारा प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भरता, बेहतर स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण की सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है।” [cite: मालाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद ने कहा कि पोषण और शिक्षा एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ के माध्यम से हम युवाओं को आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।]
यह अनूठी और मानवीय पहल इस बात का एक आदर्श और जीवंत उदाहरण है कि जब देश की सरकार और निजी कॉर्पोरेट जगत आपसी सामाजिक सरोकारों के लिए एक मंच पर साथ आते हैं, तो युवाओं के लिए तरक्की के नए और स्वर्णिम द्वार खुल जाते हैं [cite: यह पहल इस बात का उदाहरण है कि जब सरकार और कॉर्पोरेट जगत सामाजिक सरोकारों के लिए साथ आते हैं, तो युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुलते हैं और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिलती है। ]।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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