गोवा क्लब अग्निकांड: SC से लूथरा ब्रदर्स को झटका
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: लूथरा ब्रदर्स को SC से बड़ा झटका, रद्द रहेगी जमानत, 2 हफ्ते में सरेंडर का आदेश
नई दिल्ली/गोवा: उत्तरी गोवा के अर्पोरा स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में 25 लोगों की जान लेने वाले भीषण अग्निकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट से आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले में दखल देने से साफ इनकार कर दिया है, जिसमें नाइटक्लब के मालिकों की जमानत रद्द कर दी गई थी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर पुलिस के सामने सरेंडर करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने खारिज की याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और सह-मालिकों—सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता—की याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने निचली अदालत को मामले में तेजी लाते हुए जल्द से जल्द आरोप (Charges) तय करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
वरिष्ठ वकीलों की दलीलें खारिज, अदालत ने दिए सरेंडर के निर्देश सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, सिद्धार्थ दवे और श्याम दीवान ने दलील दी कि यह घटना सीधे तौर पर आपराधिक इरादा न होकर केवल लापरवाही का मामला (Section 304A) हो सकती है। हालांकि, सरकारी वकील ने घटना की गंभीरता, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और बिना वैध लाइसेंस के क्लब संचालन के तथ्यों को सामने रखा। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाएं खारिज करते हुए आरोपियों को 14 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का समय दिया।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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