‘Zero Tolerance’ को पुलिसिंग का आधार बनाने के निर्देश, त्योहारों पर ‘Zero Casualty’ का लक्ष्य
“यूपी के नए डीजीपी राजीव कृष्ण की हाई-लेवल क्राइम मीटिंग: ‘Zero Tolerance’ को बताया कार्यशैली, त्योहारों पर ‘Zero Casualty’ का कड़ा निर्देश”
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने के लिए नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पुलिस मुख्यालय लखनऊ में एक उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। डीजीपी ने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि “Zero Tolerance is a State of Mind” (शून्यता की नीति हमारी सोच और कार्यशैली का मूल हिस्सा होनी चाहिए)। बैठक में संगठित अपराधों, लंबित मुकदमों और आगामी त्योहारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।
1. अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
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स्ट्रीट क्राइम पर नकेल: डीजीपी राजीव कृष्ण ने राज्य में चोरी, चेन स्नैचिंग और रोजमर्रा के अन्य आपराधिक मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए फील्ड यूनिट्स को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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ब्लाइंड केसों का खुलासा: पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अनसुलझे (ब्लाइंड) मामलों का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
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विवेचनाओं (Investigations) की समीक्षा: थानों में लंबित मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए डीजीपी ने निर्देश दिए कि 60 दिन और 90 दिन से अधिक समय से लंबित पड़ी विवेचनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
2. थानों में जनसुनवाई और पुलिस-जन संवाद में सुधार
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थानों पर बेहतर जनसुनवाई: डीजीपी ने स्पष्ट किया कि थाना स्तर पर आने वाले हर नागरिक की शिकायत को पूरी गंभीरता से सुना जाए और उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए ताकि जनता को न्याय के लिए भटकना न पड़े।
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मानवीय मामलों पर संवेदनशीलता: लापता या गुमशुदा बच्चों की शीघ्र बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. आगामी त्योहारों के मद्देनजर ‘Zero Casualty’ का लक्ष्य
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त्योहारों पर चाक-चौबंद सुरक्षा: आने वाले प्रमुख त्योहारों के सीजन को देखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत रखने के आदेश दिए गए हैं।
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दुर्घटनाओं से बचाव: त्योहारों के दौरान मेलों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और जल स्रोतों के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने को कहा गया है। डीजीपी ने निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान डूबने और करंट से होने वाली जनहानि को पूरी तरह रोकने के लिए ‘Zero Casualty’ (शून्य जनहानि) का लक्ष्य हासिल किया जाए। इसके साथ ही सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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