एक्सपायरी सीमेंट की री-पैकिंग कर लखनऊ एयरपोर्ट और सरकारी प्रोजेक्ट्स में सप्लाई, 4000 बोरियां जब्त
“कानपुर में फर्जी सीमेंट बनाने वाले बड़े रैकेट का भांडाफोड़: एसीसी-अंबुजा की डीलरशिप की आड़ में एक्सपायरी सीमेंट की री-पैकिंग, लखनऊ एयरपोर्ट और सरकारी प्रोजेक्ट्स तक सप्लाई”
कानपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के पनकी थाना क्षेत्र से एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए नामचीन ब्रांड्स के नाम पर फर्जी और नकली सीमेंट तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट नामी कंपनियों की आड़ में एक्सपायरी और घटिया सीमेंट की री-पैकिंग कर बाजार में और बड़े निर्माण कार्यों में सप्लाई कर रहा था।
1. कैसे काम करता था नकली सीमेंट का गिरोह?
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ब्रांडेड डीलरशिप की आड़ में खेल: पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ‘एसीसी’ (ACC) और ‘अंबुजा’ (Ambuja) जैसे प्रतिष्ठित सीमेंट ब्रांड्स की डीलरशिप की आड़ में इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहा था।
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मिक्सर मशीन से री-पैकिंग: गिरोह के सदस्य एक्सपायरी हो चुके और बेहद घटिया सीमेंट को मिक्सर मशीनों में पिसवाकर नई और ब्रांडेड बोरियों में भरते थे।
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कम दामों पर बिक्री: इस घटिया सीमेंट को महज ₹280 प्रति बोरी के हिसाब से बाजार में धड़ल्ले से बेचा जा रहा था।
2. लखनऊ एयरपोर्ट और सीएम ग्रिड योजना तक पहुंची खेप
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8 से 10 जिलों में नेटवर्क: जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस घटिया व नकली सीमेंट की सप्लाई केवल कानपुर तक सीमित नहीं थी, बल्कि प्रदेश के 8 से 10 जिलों में फैला हुआ था।
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प्रतिष्ठित सरकारी प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल: सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि इस खतरनाक नकली सीमेंट की खेप लखनऊ एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों और सीएम ग्रिड योजना जैसी बड़ी और प्रतिष्ठित सरकारी परियोजनाओं तक में पहुंचाई गई थी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
3. मौके से भारी मात्रा में बरामदगी और गिरफ्तारी
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बरामदगी: छापेमारी के दौरान पुलिस और एसओजी की टीम ने मौके से 1,000 से अधिक भरी हुई सीमेंट की बोरियां और 3,000 से ज्यादा खाली ब्रांडेड बोरियां जब्त की हैं।
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एक गिरफ्तार, सरगना की तलाश जारी: पुलिस ने मौके से गिरोह के एक मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि रैकेट के मुख्य सरगना और अन्य सहयोगियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
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