बरेली: मनोहर भूषण कॉलेज में आग
बरेली: मनोहर भूषण इंटर कॉलेज में भीषण आग, सीएम ग्रिड योजना के लाखों के पाइप जलकर राख
शहर के थाना प्रेमनगर क्षेत्र स्थित मनोहर भूषण इंटर कॉलेज परिसर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां रखे प्लास्टिक पाइपों के विशाल भंडार में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें कॉलेज की बाउंड्री पार कर सड़क के दूसरी तरफ तक दिखाई दे रही थीं। इस घटना में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत रखे गए लाखों रुपये के पाइप जलकर पूरी तरह राख हो गए हैं।
कॉलेज परिसर में मची अफरा-तफरी
जानकारी के मुताबिक, मनोहर भूषण इंटर कॉलेज के एक खुले हिस्से का उपयोग एक निजी कंपनी द्वारा स्टोरेज एरिया के रूप में किया जा रहा था। यहाँ भारी मात्रा में प्लास्टिक के पाइप रखे हुए थे।
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अचानक लगी आग: दोपहर के समय अचानक पाइपों के ढेर से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते पूरी जगह आग की लपटों में घिर गई।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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सुरक्षित भवन: गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे कॉलेज का मुख्य भवन सुरक्षित रहा, हालांकि आसपास के कई पेड़ आग की तपिश से झुलस गए।
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।
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दुर्भाग्यपूर्ण घटना: मंत्री डॉ. सक्सेना ने इस अग्निकांड को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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जांच के आदेश: उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री कॉलेज परिसर में रखने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच की जाएगी।
लापरवाही की आशंका
प्रारंभिक तौर पर इस घटना के पीछे भारी लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
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निजी कंपनी की भूमिका: पाइप एक निजी कार्यदायी संस्था द्वारा रखे गए थे। सवाल उठ रहे हैं कि कॉलेज जैसे सार्वजनिक स्थल पर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के इतना बड़ा स्टोरेज क्यों बनाया गया।
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भारी नुकसान: आग से जलकर नष्ट हुए पाइपों की कीमत लाखों में बताई जा रही है। प्रशासन अब आग लगने के सटीक कारणों (जैसे शॉर्ट सर्किट या किसी मानवीय चूक) की जांच कर रहा है।
निष्कर्ष: इस अग्निकांड ने शहर के बीचों-बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। गनीमत रही कि जिस समय आग लगी, उस समय छात्र वहां मौजूद नहीं थे, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस और फायर विभाग अब मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
संवाद-दाता रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

