लक्ष्मी नगर सुभाष चौक पर नाली जाम

दिल्ली: लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक पर दुकानदारों की मनमानी; साफ कराई गईं नालियों पर दोबारा किया पक्का कब्जा, जलभराव का खतरा

विशेष क्षेत्रीय प्रशासनिक व नागरिक रिपोर्ट

(पूर्वी दिल्ली): पूर्वी दिल्ली के सबसे प्रमुख और व्यस्ततम व्यापारिक केंद्रों में से एक, लक्ष्मी नगर के सुभाष चौक से स्थानीय दुकानदारों की एक बड़ी लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों के अनुसार, कुछ दुकानदारों ने अपने निजी व्यावसायिक फायदे के लिए हाल ही में प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाई और साफ कराई गईं मुख्य नालियों को दोबारा लोहे के रैंप, भारी पत्थरों और सीमेंट से पूरी तरह ढक दिया है।

इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत की वजह से सुभाष चौक की पूरी ड्रेनेज लाइन (जल निकासी तंत्र) बुरी तरह जाम हो चुकी है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि नालियों का बदबूदार और गंदा पानी अब सड़कों पर ओवरफ्लो होकर बहने लगा है, जिससे पूरी मार्केट में गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों को ताक पर रख रहे दुकानदार

हैरानी की बात यह है कि दिल्ली में अतिक्रमण और जलभराव (Waterlogging) की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त रुख और कड़े निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर कुछ व्यापारियों को नियमों का कोई खौफ नहीं है। नियमों को ताक पर रखकर सार्वजनिक नालियों के ऊपर अवैध पक्के निर्माण और अतिक्रमण का यह सिलसिला बदस्तूर जारी है, जिससे सरकारी प्रयासों पर पूरी तरह पानी फिर रहा है।

सुभाष चौक की तस्वीरें बयां कर रही हैं हकीकत

सुभाष चौक मुख्य बाजार से सामने आई तस्वीरों और शिकायतों में साफ देखा जा सकता है कि दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे नालियों के ऊपर किस कदर पक्का ढांचा खड़ा कर रखा है:

  • सफाई करना हुआ नामुमकिन: नालियों को इस कदर ब्लॉक और एयरटाइट कर दिया गया है कि नगर निगम के सफाई कर्मियों के लिए औजार डालकर इनकी रूटीन सफाई करना अब पूरी तरह नामुमकिन हो गया है।

  • सड़कों पर तैर रहा कचरा: नालियां चोक होने के कारण मामूली सी बारिश होने पर भी पूरा कचरा और सिल्ट उछलकर मुख्य सड़क पर आ जाता है, जिससे दुकानदारों सहित यहां आने वाले हजारों खरीदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मानसून से पहले पूर्वी दिल्ली में बड़ी मुसीबत को न्यौता

एक तरफ दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) मानसून के आगमन से पहले पूरी दिल्ली को जलभराव से मुक्त करने और नालियों की गाद निकालने (Desilting) के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर व्यापारियों की यह जिद इन दावों को खोखला साबित कर रही है।

लक्ष्मी नगर के स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) पदाधिकारियों का कहना है कि अगर इन नालियों के ऊपर से तुरंत अवैध रैंप और पक्के अतिक्रमण को ध्वस्त कर इन्हें खाली नहीं कराया गया, तो आने वाले मानसून के दिनों में सुभाष चौक, विकास मार्ग का एक हिस्सा और इससे जुड़े आस-पास के रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसे गंभीर हालात बन जाएंगे।

अब देखना यह है कि लक्ष्मी नगर के व्यापारियों की इस हठधर्मिता के आगे स्थानीय प्रशासनिक अमला मूकदर्शक बना रहता है या मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नगर निगम और पुलिस बल इन दोषी दुकानदारों पर सख्त कानूनी और भारी दंडात्मक (जुर्माना) कार्रवाई अमल में लाता है।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


परसाखेड़ा का गंदा पानी शंखा नदी में!

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