बरेली: होमगार्ड परीक्षा में फर्जीवाड़ा
बरेली: होमगार्ड भर्ती परीक्षा में ‘मुन्नाभाई’ गिरफ्तार; दो नाम और दो आधार कार्ड से दे रहा था परीक्षा
बरेली: जनपद में होमगार्ड भर्ती परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की प्रशासनिक कोशिशों के बीच धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। थाना कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने सरकारी नौकरी पाने के लिए अपने आधार कार्ड में हेरफेर कर दो अलग-अलग नामों से परीक्षा देने की साजिश रची थी। बायोमैट्रिक तकनीक की सतर्कता से आरोपी का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
बायोमैट्रिक जांच ने पकड़ी चालाकी
घटना 26 अप्रैल 2026 की है, जब साहू गोपीनाथ कन्या इंटर कॉलेज में केंद्र प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन करवा रहे थे।
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संदेह का कारण: जब एक अभ्यर्थी मशीन पर पहुंचा, तो उसके फिंगरप्रिंट का मिलान पिछले दिन के डेटा से हो गया। सिस्टम ने उसे संदिग्ध दिखाया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
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आरोपी की पहचान: पकड़ा गया युवक अनुराग (पुत्र राजबहादुर), निवासी हरिहरपुर, जनपद हरदोई है।
एक चेहरा, दो पहचान: ऐसे रची साजिश
पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने जांच टीम को हैरान कर दिया:
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आधार कार्ड में हेरफेर: अनुराग ने अपने मूल आधार कार्ड में एडिटिंग कर अपना नाम बदलकर “धर्मेन्द्र सिंह” कर लिया था। पिता का नाम और पता समान रखा गया।
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दो बार आवेदन: उसने अनुराग और धर्मेन्द्र सिंह के नाम से दो अलग-अलग आवेदन किए।
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डबल परीक्षा: आरोपी ने 25 अप्रैल को रिठौरा के दरवारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज में धर्मेन्द्र सिंह के नाम से परीक्षा दी। अगले दिन 26 अप्रैल को वह साहू गोपीनाथ कॉलेज में अनुराग बनकर दोबारा परीक्षा देने पहुंच गया।
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मकसद: आरोपी का मानना था कि दो बार परीक्षा देने से किसी न किसी नाम से उसका चयन पक्का हो जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो आधार कार्ड, दो प्रवेश पत्र और दो प्रश्न पत्र बरामद किए हैं।
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मुकदमा दर्ज: थाना कोतवाली में आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 190/26 के तहत बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 की धारा 3/10(1) में मामला दर्ज किया गया है।
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जांच टीम: उपनिरीक्षक विक्रांत तोमर मामले की विवेचना कर रहे हैं।
प्रशासन का कड़ा रुख
बरेली प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की धांधली या अनुचित साधनों का प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, बायोमैट्रिक सत्यापन और सख्त निगरानी के कारण ही इस फर्जीवाड़े का समय रहते खुलासा हो सका। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी आधार कार्ड बनाने में आरोपी की मदद किसने की थी।
संवाद-दाता रोहिताश कुमार भास्कर
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

