बरेली: फर्जी आईएएस बहनें गिरफ्तार

बरेली: खुद को IAS बताकर दो बहनों ने की लाखों की ठगी, पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़

 

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के बारादरी क्षेत्र में सरकारी नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दो सगी बहनों ने खुद को आईएएस (IAS) अधिकारी बताकर युवाओं को झांसे में लिया और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने इस मामले में दो बहनों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


फर्जी आईएएस बनकर जीता भरोसा

ठगी की इस साजिश को बड़े ही शातिर तरीके से अंजाम दिया गया:

  • झूठी पहचान: ग्रीन पार्क निवासी शिखा पाठक ने अपनी बहन डॉ. विप्रा शर्मा को गजरौला में तैनात एक आईएएस अधिकारी (अपर जिलाधिकारी वित्त) के रूप में पेश किया।

  • ऊंची पहुंच का दावा: आरोपियों ने सचिवालय में गहरी पैठ होने का भरोसा दिलाया और पीड़ितों को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया।

  • फर्जी नियुक्ति पत्र: आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली अधिकारी दर्शाते हुए शासन स्तर के फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए।

11.5 लाख की ठगी और लखनऊ में खुलासा

पीड़ित प्रीति लॉयल की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  • लाखों की चपत: प्रीति के साथ आदिल खान, संतोष कुमार और मुशाहिद ने नौकरी के लालच में अलग-अलग किश्तों में करीब 11.5 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए।

  • ऐसे खुली पोल: जब चारों युवक नियुक्ति पत्र लेकर ज्वॉइनिंग के लिए लखनऊ के विभूति खंड पहुंचे, तो वहां पता चला कि ऐसी कोई भर्ती ही नहीं निकली है। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकदी और लग्जरी कार बरामद

बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की है:

  • बरामदगी: छापेमारी के दौरान 4.50 लाख रुपये नकद, कूटरचित दस्तावेज, 10 चेकबुक, 4 मोबाइल और 2 लैपटॉप बरामद हुए हैं।

  • बैंक खाते फ्रीज: पुलिस ने आरोपियों के विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 55 लाख रुपये भी फ्रीज कर दिए हैं।

  • जब्ती: पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक लग्जरी कार भी जब्त की है।

संगठित गिरोह की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है जिसमें परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि जांच के दौरान और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

  रोहिताश कुमार भास्कर 

 गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

           (Allrights Magazine)

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