लक्ष्मी नगर में अवैध रेड लाइट रैकेट का भंडाफोड़

लक्ष्मी नगर में ‘होटल गुड लिविंग’ के अवैध संचालन के खिलाफ फूटा गुस्सा; पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत का आरोप, सख्त कार्रवाई की मांग!

पूर्वी दिल्ली:

पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में चल रहे ‘होटल गुड लिविंग’ (Hotel Good Living)

के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि यह होटल बिना उचित कानूनी स्वीकृतियों और नियमों को ताक पर रखकर पूरी दबंगई के साथ चलाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र भेजकर इस पर तुरंत ताला लगाने और संचालकों को गिरफ्तार करने की मांग की गई है।

🪟 पर्दे के पीछे का खेल: दबंगई से हो रहा संचालन

शिकायतकर्ताओं ने होटल के काम करने के तरीके पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:

  • सामने डाला पर्दा: आरोप है कि होटल गुड लिविंग के मुख्य द्वार और आगे के हिस्से पर जानबूझकर बड़ा पर्दा डाला गया है। इस पर्दे के पीछे अंदर क्या गतिविधियां चल रही हैं, उसे बाहरी दुनिया और आम जनता की नजरों से पूरी तरह छुपाकर रखा जाता है।

  • दबंगई का माहौल: स्थानीय लोगों का कहना है कि होटल के संचालक बेहद रसूखदार और दबंग किस्म के हैं, जो किसी भी नियम-कायदे को नहीं मानते। विरोध करने पर आस-पास के लोगों को डराया-धमकाया जाता है।

🤝 स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब शिकायत में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले की भूमिका पर सवाल उठाए गए।

  • कथित साठगांठ: शिकायत पत्र में साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि होटल गुड लिविंग और स्थानीय पुलिस प्रशासन के बीच गहरी मिलीभगत (साठगांठ) है।

  • कार्रवाई न होना संदेह के घेरे में: क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें दिए जाने के बावजूद आज तक स्थानीय पुलिस ने इस अवैध ठिकाने पर कोई छापा नहीं मारा और न ही कोई जांच की, जो उनके कथित संरक्षण को दर्शाता है।

🚨 रिहायशी इलाके की सुरक्षा पर मंडराया खतरा, सीलिंग की मांग

लक्ष्मी नगर जैसे बेहद व्यस्त और रिहायशी क्षेत्र में इस तरह पर्दे के पीछे संदिग्ध रूप से चल रहे होटल के कारण स्थानीय महिलाओं, बच्चियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता पैदा हो गई है। वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की गई है कि:

  1. इस होटल के फायर एनओसी (Fire NOC) और कमर्शियल लाइसेंस की तुरंत जांच हो।

  2. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर होटल को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए।

इस अवैध धंधे को शह देने वाले स्थानीय पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी विभागीय जांच बैठाई जाए।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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