एशिया का सबसे पढ़ा-लिखा गांव: गहमर

एशिया के सबसे शिक्षित गांव का गौरव उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित गहमर (Gahmar) गांव को नहीं, बल्कि गहमर अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध है। शिक्षा के मामले में जिस गांव का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और वैश्विक स्तर पर चर्चा में रहता है, वह है गाजीपुर जिले का ही मदनपुर (Madanpur) या कई संदर्भों में धर्मापुर

लेकिन, सबसे सटीक उत्तर सैदपुर तहसील का ‘धर्मापुर’ और विशेष रूप से ‘मदनपुर’ के पास स्थित गांव हैं। हालांकि, अक्सर मीडिया रिपोर्ट्स में गहमर को फौजियों का गांव और मदनपुर को बुद्धिजीवियों का गांव कहा जाता है।

आइए जानते हैं इस गांव की खासियतें जिसने इसे पूरे एशिया में मशहूर कर दिया है:


गाजीपुर का वह गांव, जो बना ‘शिक्षा की राजधानी’

यह गांव उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित है। इस गांव की साक्षरता दर और यहां से निकले अधिकारियों की संख्या इसे दुनिया के अन्य गांवों से अलग खड़ा करती है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • हर घर में डॉक्टर-इंजीनियर: इस गांव की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां कोई उच्च शिक्षित पेशेवर न हो। लगभग हर परिवार में आपको डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या आईएएस-आईपीएस अधिकारी मिल जाएंगे।

  • लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स: गांव का नाम सबसे अधिक शिक्षित व्यक्तियों वाले गांव के रूप में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया जा चुका है।

  • प्रशासनिक सेवाओं का हब: यहां के युवा न केवल भारत में बल्कि विदेशों (जैसे अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन) में भी बड़े पदों पर कार्यरत हैं।


सफलता का राज: शिक्षा के प्रति जुनून

इस गांव में शिक्षा का माहौल किसी आधुनिक शहर से कम नहीं है।

  1. प्राथमिकता: यहां खेती-किसानी के साथ-साथ पहली प्राथमिकता बच्चों की पढ़ाई को दी जाती है।

  2. प्रेरणा: गांव के बच्चे बचपन से ही अपने बड़ों को ऊंचे पदों पर देखते हैं, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की स्वाभाविक प्रेरणा मिलती है।

  3. सामुदायिक सहयोग: गांव के सफल लोग वापस लौटकर गांव के स्कूल और पुस्तकालयों की मदद करते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर संसाधन मिल सकें।


गहमर: वीरता और शिक्षा का संगम

गाजीपुर का ही एक और बड़ा गांव गहमर है, जिसे ‘एशिया का सबसे बड़ा गांव’ भी कहा जाता है। हालांकि इसका मुख्य रिकॉर्ड फौजियों (सैनिकों) के लिए है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में भी यह गांव बहुत आगे है। गहमर के लगभग हर घर से एक व्यक्ति भारतीय सेना में है।


निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जिला न केवल ‘वीरों की धरती’ है, बल्कि यह ‘सरस्वती का पुत्र’ भी कहलाता है। यह गांव इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि सही दिशा और जुनून हो, तो एक छोटा सा गांव भी वैश्विक मानचित्र पर अपनी पहचान बना सकता है।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: