20 लाख के हाथी दांत के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश STF का बड़ा एक्शन: मीरजापुर में 20 लाख के हाथी दांत व जबड़े के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
विशेष अपराध रिपोर्ट
(मीरजापुर/लखनऊ): उत्तर प्रदेश में लुप्तप्राय और दुर्लभ वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मीरजापुर जनपद में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान प्रतिबंधित हाथी के दांत और जबड़े के साथ तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामदगी की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार तस्करों का विवरण:
पकड़े गए तीनों अभियुक्त मुख्य रूप से प्रयागराज जिले के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
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अखिलेश कुमार शुक्ला: पुत्र जनार्दन प्रसाद शुक्ला (निवासी: सोनाई, थाना मेजा, जनपद प्रयागराज)।
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देवी शंकर यादव: पुत्र डोलई राम यादव (निवासी: कोसडा कला, थाना माण्डा, जनपद प्रयागराज)।
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रामधनी यादव: पुत्र फौजदार यादव (निवासी: भीस, थाना माण्डा, जनपद प्रयागराज)।
क्या-क्या हुआ बरामद?
संयुक्त टीम ने वन्य जीव तस्करों के पास से निम्नलिखित अवैध सामग्री और उपकरण बरामद किए हैं:
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हाथी दांत: लगभग 01.50 किलोग्राम (अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 20 लाख रुपये)।
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हाथी का जबड़ा: लगभग 800 ग्राम।
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संचार उपकरण: 03 अदद मोबाइल फोन।
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वाहन: 01 अदद स्कूटी मोटरसाइकिल।
जिगना के कामेश्वर नाथ मंदिर के पास से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ के अनुसार, पिछले काफी समय से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में दुर्लभ वन्य जीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गैंग की सक्रियता की खबरें मिल रही थीं, जिसके बाद एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी के निरीक्षक श्री पुनीत परिहार अपनी टीम के साथ सुराग जुटाने में लगे थे।
दिनांक 9 जून 2026 को ‘वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो’ (WLCCB) लखनऊ के सूत्रों से सटीक सूचना मिली कि तस्कर प्रतिबंधित हाथी दांत लेकर मीरजापुर की ओर आ रहे हैं। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ और वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने जाल बिछाया और मीरजापुर के थाना जिगना क्षेत्र के अंतर्गत बाबा कामेश्वर नाथ मंदिर के पास से इन तीनों तस्करों को दबोच लिया।
घर में छिपाकर रखा था माल, ग्राहक की थी तलाश
पूछताछ में तस्करों ने कुबूल किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाथी दांत की भारी मांग रहती है, क्योंकि इससे बहुमूल्य मूर्तियां, आभूषण और अन्य कीमती कलाकृतियां बनाई जाती हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों के बीच काफी पुरानी जान-पहचान थी। बीते 5 जून 2026 को आरोपी देवी शंकर यादव हाथी का दांत और जबड़ा लेकर आया था और उसने इसे अखिलेश कुमार शुक्ला के घर पर छिपाकर रख दिया था। वे इसे ऊंचे दामों पर बेचने के लिए लगातार तस्करों और ग्राहकों से बातचीत कर रहे थे। 9 जून को वे इस प्रतिबंधित खेप का सौदा करने और उसे डिलीवर करने के इरादे से ही जिगना आए हुए थे, लेकिन डील होने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
इस मामले में वन विभाग मीरजापुर द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तार तीनों तस्करों के खिलाफ केस नंबर 09/2026-27 के तहत वन्य जीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की धारा 2(16), 09, 39, 40, 44, 49, 49बी, 49सी, 50 और 51(1) के अंतर्गत गंभीर अभियोग पंजीकृत कराया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीमें अब इस गिरोह के अन्य कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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