सुष्मिता देव ने TMC से दिया इस्तीफा

ममता बनर्जी को एक और झटका: TMC की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा, असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा से की मुलाकात

विशेष राजनीतिक रिपोर्ट

(नई दिल्ली): पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक मोर्चे से एक और बड़ी और झकझोरने वाली खबर आ रही है [cite: तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।, डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी पर इन दिनों संकट के बादल छाए हुए हैं।]। पार्टी की कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

चौंकाने वाली बात यह है कि सुष्मिता देव इस हफ्ते तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने वाली दूसरी राज्यसभा सांसद बन गई हैं। इस इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकती हैं।

हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद कयास तेज

पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद सुष्मिता देव ने पूर्वोत्तर के कद्दावर भाजपा नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद से ही राजनीतिक पंडित यह मानकर चल रहे हैं कि उनका भाजपा में शामिल होना लगभग तय है, जिससे असम और पश्चिम बंगाल के समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

2021 में कांग्रेस छोड़ थामा था TMC का दामन

सुष्मिता देव का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है:

  • कांग्रेस का पुराना साथ: कांग्रेस के दिग्गज नेता संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता देव पहले कांग्रेस में थीं और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

  • 2021 में किया था दल-बदल: साल 2021 में उन्होंने कांग्रेस से अपना पुराना नाता तोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था [cite: कांग्रेस छोड़कर आईं 53 वर्षीय नेता 2021 में तृणमूल में शामिल हुईं और उन्होंने जनसेवा का नया अध्याय शुरू करने की बात कही थी।]। तब उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व में देश और असम की सेवा का एक नया अध्याय शुरू करने की बात कही थी।

ममता बनर्जी के लिए बढ़ता राजनीतिक संकट

महज एक हफ्ते के भीतर संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) से अपने दो सांसदों का इस्तीफा होना तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय विस्तार के सपनों और अंदरूनी सांगठनिक मजबूती के लिए एक बड़ा डेंट माना जा रहा है [cite: वह इस हफ्ते इस्तीफा देने वाली दूसरी राज्यसभा सांसद हैं, इस हफ्ते पार्टी छोड़ने वालीं दूसरी राज्यसभा सांसद हैं।]। सुष्मिता देव के इस कदम से न सिर्फ पश्चिम बंगाल में पार्टी बैकफुट पर आई है, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों (विशेषकर असम और त्रिपुरा) में टीएमसी को खड़ा करने की ममता बनर्जी की रणनीति को भी एक करारा झटका लगा है।

फिलहाल, सुष्मिता देव या भाजपा की ओर से आधिकारिक तौर पर जॉइनिंग को लेकर कोई अंतिम बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन आने वाले कुछ दिन उत्तर-पूर्व की राजनीति के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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