देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार
देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार: सरकार ने कहा- रिफाइनरी पूरी क्षमता से कार्यरत, अफवाहों पर न दें ध्यान
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और संकट के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए आश्वस्त किया है कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीज़ल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी (LPG) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू तेल रिफाइनरी संयंत्र उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ लगातार काम कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत पर उसके प्रभाव को लेकर नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देश में ऊर्जा और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति का पूरा खाका पेश किया।
एलपीजी का उत्पादन बढ़ा: 3 दिनों में डिलीवर हुए 1.34 करोड़ सिलेंडर
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है और घरेलू स्तर पर इसका उत्पादन काफी बढ़ा दिया गया है।
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दैनिक उत्पादन: देश के रिफाइनरी संयंत्रों में इस समय प्रतिदिन लगभग 46 से 47 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का रिकॉर्ड उत्पादन किया जा रहा है।
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घरेलू आपूर्ति: पिछले महज तीन दिनों के भीतर देश भर में 1 करोड़ 34 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की गई है।
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वाणिज्यिक (Commercial) सप्लाई: पहली मई से लेकर अब तक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 1 लाख 32 हजार टन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा चुकी है।
मंत्रालय ने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त निरीक्षण, भारी जुर्माना और नोटिस जारी करने जैसी कानूनी कार्रवाई भी तेजी से चल रही है।
घरों तक पहुंच रही प्राकृतिक गैस (PNG): 7.60 लाख नए कनेक्शन
देश में पर्यावरण अनुकूल ईंधन के विस्तार की जानकारी देते हुए संयुक्त सचिव ने बताया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है:
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मार्च महीने से लेकर अब तक 7 लाख 60 हजार से अधिक नए घरों को पीएनजी कनेक्शन से सीधे जोड़ा जा चुका है।
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इसके अतिरिक्त, 2 लाख 81 हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने के लिए पाइपलाइन और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।
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वर्तमान में पीएनजी के लिए लगभग 8 लाख नए उपभोक्ताओं का पंजीकरण (Registration) भी किया जा चुका है।
सरकार की नागरिकों से अपील (अफरा-तफरी में न करें ओवर-बाइंग): पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों में आकर पैनिक न हों और पेट्रोल पंपों या गैस एजेंसियों पर अफरा-तफरी में जरूरत से ज्यादा खरीदारी (Over-buying) न करें। देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार ही खरीदारी करें और ऊर्जा संरक्षण में सहयोग दें।
समुद्री मार्ग और भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित: पत्तन और पोत परिवहन मंत्रालय
ब्रीफिंग के दौरान पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर भारतीय जहाजों और चालक दल की सुरक्षा को लेकर अहम जानकारी साझा की।
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लगातार समन्वय: मंत्रालय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापारिक परिचालन को सुचारू रूप से चलाने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA), वैश्विक भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में है।
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कोई अप्रिय घटना नहीं: उन्होंने पुष्टि की कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 72 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज या भारतीय चालक दल वाले किसी भी विदेशी मालवाहक जहाज से जुड़ी किसी अप्रिय घटना या हमले की कोई खबर नहीं मिली है।
3,300 नाविकों की घर वापसी: भारतीय मिशनों की मदद से मंत्रालय ने अब तक 3,300 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी कराई है, जिसमें पिछले तीन दिनों में लौटे 99 नाविक भी शामिल हैं। वर्तमान में देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों (Ports) पर परिचालन पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी माल ढुलाई में रुकावट या भीड़भाड़ की स्थिति नहीं है।
(दिल्ली – सोनू कुमार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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