जमुई में गर्मी से दो छात्राएं बेहोश

जमुई में हीटवेव का कहर: क्लासरूम में पढ़ाई के दौरान बेहोश होकर गिरीं दो छात्राएं; 39°C तापमान में मची अफरा-तफरी, स्कूल टाइमिंग पर उठे सवाल

 बिहार के जमुई जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) का सीधा असर अब स्कूली बच्चों की सेहत पर पड़ने लगा है। शुक्रवार सुबह जमुई के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बिठलपुर में पढ़ाई के दौरान दो छात्राएं अचानक बेहोश होकर क्लासरूम के फर्श पर गिर पड़ीं। पारा 39 डिग्री सेल्सियस पार होने के बीच हुई इस घटना से स्कूल परिसर में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद से जिले में स्कूलों के समय में बदलाव और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं।

क्लासरूम में अचानक बेहोश हुईं छात्राएं; एक की हालत गंभीर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिठलपुर में सामान्य दिनों की तरह कक्षाएं चल रही थीं, तभी भीषण उमस और गर्मी के कारण दो छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। देखते ही देखते दोनों छात्राएं क्लासरूम में ही अचेत (बेहोश) होकर गिर पड़ीं।

छात्राओं को अचानक फर्श पर गिरता देख शिक्षक और अन्य छात्र-छात्राएं बुरी तरह घबरा गए। आनन-फानन में शिक्षकों ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों छात्राओं को संभाला और राहत कार्य शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद जहाँ एक छात्रा को होश आ गया, वहीं दूसरी छात्रा की हालत काफी गंभीर बनी रही। गंभीर रूप से बीमार छात्रा को तुरंत इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका आपातकालीन इलाज जारी है।

भीषण गर्मी और 39 डिग्री पारे ने बढ़ाई नौनिहालों की मुसीबत

जमुई में पिछले कुछ दिनों से सूरज की तपिश और गर्म हवाओं के कारण तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है। शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय ही उमस इतनी भयानक हो जाती है कि कमरों के भीतर बैठना दूभर हो रहा है। ऐसे में बिना पर्याप्त संसाधनों और वेंटिलेशन वाले क्लासरूम बच्चों के लिए बीमार होने का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं।

स्कूलों की टाइमिंग बदलने और बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय अभिभावकों और शिक्षक संघों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब सुबह के वक्त ही पारा 39 डिग्री को छू रहा है, तो ऐसे जानलेवा मौसम में बच्चों को स्कूल बुलाना उनकी जान के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।

अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि:

  • भीषण गर्मी और हीटवेव के अलर्ट को देखते हुए स्कूलों के समय (Timing) में तुरंत बदलाव किया जाए या फिर कुछ समय के लिए कक्षाएं स्थगित की जाएं।

  • स्कूलों में बच्चों के लिए ठंडे पेयजल, ओआरएस (ORS) घोल और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती छात्रा की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं, वहीं इस घटना ने पूरे जिले के शिक्षा महकमे को अलर्ट कर दिया है।


गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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