महाराष्ट्र में पवार और NDA की चर्चा

नीतीश की राह पर शरद पवार, बीजेपी में जाने की तैयारी? महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बड़ा हलचल

राजनैतिक ब्यूरो: मुंबई / नई दिल्ली

महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में इन दिनों एक बार फिर जबर्दस्त हलचल देखने को मिल रही है। वरिष्ठ नेता शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के एनडीए (NDA) में शामिल होने या भारतीय जनता पार्टी (BJP) को समर्थन देने की अटकलें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी हैं। परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) और आगामी संसद सत्र के समीकरणों को देखते हुए राजनीतिक पुनर्गठन (Political Realignment) के कयास तेजी से लगाए जा रहे हैं।

बीजेपी का स्पष्ट रुख: विलय के बिना कोई सीधा रास्ता नहीं

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय आलाकमान ने महायुति (Mahayuti) के अपने घटकों और सहयोगियों के समक्ष अपनी रणनीति पूरी तरह साफ कर दी है:

  • एकजुट NCP शर्त: बीजेपी का स्पष्ट मानना है कि अगर शरद पवार गुट एनडीए में आता है, तो उसे दोनों गुटों (NCP और NCP-SP) का आपस में विलय करके एक एकीकृत पार्टी (Unified NCP) के रूप में ही शामिल होना पड़ेगा।

  • गठबंधन में स्पष्टता: बीजेपी अलग से किसी दूसरे गुट को अपने गठबंधन में शामिल कर अन्य सहयोगियों में असुरक्षा या भ्रम का माहौल नहीं बनाना चाहती।

बैठकों के दौर से गरमाया माहौल

पिछले कुछ दिनों के दौरान मुंबई और दिल्ली में हुई हाई-प्रोफाइल बैठकों ने इन अटकलों को और हवा दी है:

  1. मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्रियों संग बैठकें: NCP(SP) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ बंद कमरे में बैठकें हुईं। हालांकि, पाटिल ने इन मुलाकातों को केवल अपने विधानसभा क्षेत्र (सांगली/उरुन-इस्लामपुर) के प्रशासनिक मुद्दों और जनसमस्याओं से जुड़ी वार्ता बताया है।

  2. शरद पवार की मुलाकातें: खुद शरद पवार की भी वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से संवाद की खबरें मीडिया में तैर रही हैं।

  3. पार्थ पवार का मुद्दा: अजित पवार खेमे द्वारा अप्रैल में राज्यसभा सदस्य बने पार्थ पवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल के भावी विस्तार में शामिल किए जाने की मांग ने भी महायुति में अंदरूनी जोड़-तोड़ को बढ़ा दिया है।

पवार परिवार व पार्टी नेतृत्व का क्या है पक्ष?

जमीनी स्तर पर आधिकारिक तौर पर दोनों ही खेमे इन अफवाहों से दूरी बना रहे हैं:

सुप्रिया सुले का स्पष्टीकरण: एनसीपी (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया के जरिए स्पष्ट किया है कि परिसीमन या एनडीए में शामिल होने को लेकर मीडिया में आ रही खबरें केवल अटकलें हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का कोई भी रुख ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन और आंतरिक विचार-विमर्श के बाद ही तय होगा।

शरद पवार का संक्षिप्त बयान: वरिष्ठ नेता शरद पवार से जब इस टूट/विलय की खबरों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहकर बात टाल दी कि “यह अभी बात करने का विषय नहीं है।”

क्या हैं शरद पवार के सामने संभावित विकल्प?

महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि शरद पवार कोई बड़ा सियासी फैसला लेते हैं, तो उनके सामने मुख्य रूप से 3 रास्ते हैं:

  • विकल्प 1: एनसीपी के दोनों गुटों का विलय कराकर एकीकृत पार्टी के रूप में एनडीए का हिस्सा बनना।

  • विकल्प 2: बाहर से राष्ट्रीय महत्व के विशेष मुद्दों या विधेयकों (जैसे परिसीमन बिल) पर सरकार का समर्थन करना।

  • विकल्प 3: विरोधी खेमे (INDIA Alliance) में बने रहकर विपक्ष की भूमिका को ही आगे बढ़ाना।

यह देखना दिलचस्प होगा कि संसद सत्र और आगामी घटनाक्रमों के बीच ‘मराठा क्षत्रप’ शरद पवार का अंतिम फैसला क्या होता है।


  • (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

      (एडिटर (Allrights Magazine)

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