संसद सत्र पर आंवला सांसद का बयान

सांसद नीरज मौर्य उठाएंगे जनहित के मुद्दे: मानसून सत्र में रोजगार, किसान, शिक्षा और एम्स पर सरकार को घेरने की तैयारी


संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर प्रशासनिक व राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आंवला लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने बरेली स्थित सर्किट हाउस में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र में वह क्षेत्र और देशहित से जुड़े जनसरोकार के अति-महत्वपूर्ण मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे।

सांसद मौर्य ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य सदन में सरकार की जवाबदेही तय कराना और आम जनता की ज्वलंत समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित कराना है।

मानसून सत्र में उठेंगे ये 15 बड़े राष्ट्रीय एवं नीतिगत मुद्दे

प्रेस वार्ता के दौरान सांसद नीरज मौर्य ने सरकार को घेरने और जवाब मांगने के लिए संसद में उठाए जाने वाले प्रमुख विषयों की सूची साझा की:

  1. रोजगार एवं युवा नीति: युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन और एक पारदर्शी, प्रभावी राष्ट्रीय रोजगार नीति।

  2. शिक्षा व्यवस्था में सुधार: सरकारी विद्यालयों में गिरती शिक्षा की गुणवत्ता और लगातार घटते छात्र नामांकन पर चिंता।

  3. स्मार्ट सिटी मिशन की जांच: स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों की गहन समीक्षा तथा इसमें हुए कथित वित्तीय भ्रष्टाचार की जांच।

  4. किसानों की आय का सच: किसानों की आय दोगुनी करने के सरकारी दावों के रोडमैप की वास्तविक स्थिति उजागर करना।

  5. फसल मुआवजा विसंगतियां: प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे में मौजूद अनियमितताओं को दूर करने की मांग।

  6. MSP की कानूनी गारंटी: सभी प्रमुख फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा देना।

  7. कृषि संकट एवं कर्जमाफी: खाद की अनुपलब्धता, महंगे पेट्रोल-डीजल से बढ़ी लागत और किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग।

  8. ईंधन नीतियां: ई-20 ईंधन (E20 Fuel) नीति तथा भविष्य में डीजल में ब्यूटेनॉल मिश्रण के कृषि व वाहनों पर संभावित प्रभावों पर चर्चा।

  9. शिक्षक भर्ती एवं परीक्षा प्रणाली: शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में टीईटी (TET) की अनिवार्यता की समीक्षा और युवाओं की अटकी भर्तियों का मुद्दा।

  10. NEET परीक्षा में धांधली: नीट परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता।

  11. महंगाई एवं बेरोजगारी: देश में चरम पर पहुंची महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी पर सरकार की जवाबदेही।

  12. प्रशासनिक भ्रष्टाचार: थानों, तहसीलों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं घोटालों की निष्पक्ष जांच।

  13. राम मंदिर सुरक्षा: राम मंदिर परिसर में हुई कथित चोरी की घटना से जुड़े सुरक्षा चूक के प्रश्न और जवाबदेही।

  14. चुनावी पारदर्शिता: चुनावी चंदे (Electoral Funding) में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल।

  15. किसानों का कल्याण: किसानों की बदहाली दूर करने के लिए विशेष राहत पैकेज।

बरेली और आंवला के लिए 4 प्रमुख स्थानीय मांगें

राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ सांसद मौर्य ने अपने संसदीय क्षेत्र बरेली और आंवला की स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता पर रखा:

  • पर्याप्त खाद आपूर्ति: बुवाई सीजन के दौरान किसानों को बिना कतार के पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता।

  • रबर फैक्ट्री का पुनरुद्धार: लंबे समय से बंद पड़ी ऐतिहासिक रबर फैक्ट्री के मामले में सरकार, प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच संवाद स्थापित कर समाधान निकालना।

  • 300 बेड अस्पताल का पूर्ण संचालन: शहर के 300 बेड अस्पताल को उसकी पूर्ण क्षमता के साथ चालू कराना ताकि मरीजों को भटकना न पड़े।

  • बरेली में AIIMS की स्थापना: बरेली मंडल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना के लिए सड़क से लेकर सदन तक निरंतर संघर्ष जारी रखने का संकल्प।

प्रेस वार्ता में वरिष्ठ सपा नेता रहे मौजूद

सर्किट हाउस में आयोजित इस वार्ता के दौरान सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, पीयूष वर्मा, डॉ. नरेंद्र गौतम, मयंक शुक्ला, सत्यवीर चौहान, संजय शास्त्री, शगुन तोमर और शिवकुमार शाक्य समेत कई प्रमुख नेता व कार्यकर्ता मुस्तैद रहे।


  • (गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

      (एडिटर (Allrights Magazine)

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