साकेत थाना: महिला पत्रकारों के लिए रात भर धरना
आधी रात ढाई बजे साकेत थाने के बाहर संग्राम: महिला पत्रकारों से मारपीट मामले में FIR दर्ज कराने को लेकर अड़े यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में आधी रात के सन्नाटे के बीच साकेत पुलिस स्टेशन के बाहर का माहौल गर्माया रहा। रात के करीब ढाई बजे का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें भारतीय युवा कांग्रेस (Youth Congress) के कार्यकर्ता दो महिला पत्रकारों—शाहीन और नफीसा के समर्थन में थाने के अंदर और बाहर डटे नजर आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि सत्ता शीर्ष पर बैठे लोग चैन की नींद सो रहे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस पीड़िता पत्रकारों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने तक में हीला-हवाली कर रही है।
‘FIR दर्ज कराने के लिए भी रात भर धरने पर बैठना पड़े, यह देश की विडंबना’ प्रदर्शन में शामिल युवा नेताओं और नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई केवल दो पत्रकारों की नहीं, बल्कि देश में कानून के शासन और लोकतंत्र की रक्षा की है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विडंबना यह है कि कानून के अनुसार संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर मामला दर्ज करना पुलिस का संवैधानिक कर्तव्य है, लेकिन इस देश में अब पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए भी पूरी रात थाने के सामने धरने पर बैठना पड़ रहा है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने के लिए टालमटोल का रवैया अपना रहा है।
आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी यूथ कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक दोनों महिला पत्रकारों से अभद्रता और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका यह सत्याग्रह और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस की भूमिका और निष्पक्षता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

- जन्माष्टमी: धर्म व कर्तव्य का मार्ग दिखाता है गीता दर्शन!
https://wp.me/p9lpiM-OB1मजदूरों के लिए नई मुआवज़ा नीति जल्द
