टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरोपी रेहान की मां बोली—’दो लाख के लालच में बेटा फंसा, नहीं पता था क्या करना है’, जेल में लॉरेंस गैंग के संपर्क में आने का अंदेशा

“टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामला: आरोपी रेहान की मां का बड़ा खुलासा, पैसों के लालच और लॉरेंस गैंग के संपर्क में आने की आशंका”

नई दिल्ली / मुंबई / सोनीपत: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि और उनके जाल में फंसने की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए 18 वर्षीय आरोपी रेहान की मां ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके मुताबिक, रेहान को एक अनजान काम के एवज में दो लाख रुपये मिलने का लालच दिया गया था, लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह किसी गंभीर आपराधिक वारदात का हिस्सा बन रहा है।

1. जेल की सलाखों से लॉरेंस गैंग के संपर्क तक की कहानी

  • अवैध हथियार के मामले में जा चुका था जेल: सोनीपत के रहने वाले 18 वर्षीय रेहान की मां ने बताया कि उनका बेटा करीब पांच महीने पहले अवैध हथियार रखने के एक मामले में गोहाना में जेल गया था। माना जा रहा है कि इसी दौरान वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के गुर्गों या उनके संपर्क सूत्रों के हत्थे चढ़ गया।

  • दो लाख रुपये का लालच: जेल से बाहर आने के बाद रेहान ने परिजनों को बताया था कि उसे कोई काम करने के बदले दो लाख रुपये मिलने वाले हैं, हालांकि उसने काम की प्रकृति (Nature of Work) के बारे में परिवार को कुछ नहीं बताया था। परिजनों का मानना है कि पैसों की चमक और नासमझी के कारण वह इस खतरनाक सिंडिकेट का मोहरा बन गया।

2. गोहाना का नाबालिग और बेगूसराय के रितिक से जुड़े पहेलीनुमा तार

  • एक महीने से घर से गायब था नाबालिग: इस पूरे प्रकरण में पकड़े गए गोहाना के एक अन्य नाबालिग आरोपी के परिवार ने बताया कि वह एक महीने पहले घर से निकला था। वह मुंबई कैसे और किन परिस्थितियों में पहुँचा, इस बात की जानकारी उसके परिजनों को भी नहीं थी। उसके पिता के अनुसार, इकलौता बेटा गोहाना में टाइल्स और पत्थर लगाने का काम सीखने जाता था।

  • बिहार के रितिक को लेकर असमंजस: इस मामले में बिहार के बेगूसराय के रहने वाले रितिक का नाम भी सामने आया है। हालांकि, मीडिया में आई तस्वीर को देखने के बाद उसकी मां ने उसे पहचानने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों के मुताबिक, उसके करीब तीन महीने पहले दिल्ली से मुंबई जाने की सूचना मिली थी।

3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: संगठित अपराध का नया जाल और युवा पीढ़ी

गैंगस्टर सिंडिकेट्स द्वारा पैसों का लालच देकर कम उम्र के लड़कों और युवाओं को गंभीर वारदातों के लिए इस्तेमाल करना देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन था और इन्हें फंडिंग कहाँ से मिल रही थी।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ अपराध जगत की इन काली सच्चाइयों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर पर अपनी पैनी नजर बनाए रखती है।

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