62वें IHGF दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 का सफल समापन: 105 देशों से पहुंचे 7,350 खरीदार, ₹3,600 करोड़ के ऑर्डर व इंक्वायरी से हस्तशिल्प क्षेत्र में नया उछाल
62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 का भव्य समापन: 105 देशों से पहुंचे खरीदार, ₹3,600 करोड़ की व्यावसायिक पूछताछ और ऑर्डर बुकिंग दर्ज”
विशेष व्यापारिक एवं औद्योगिक रिपोर्ट (ऑल RIGHTs मैगजीन)
दिल्ली-एनसीआर / ग्रेटर नोएडा: इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 13 से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 62वें आईएचजीएफ दिल्ली फेयर-ऑटम 2026 का आज एक अभूतपूर्व सफलता और उत्साहपूर्ण माहौल के साथ समापन हुआ। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय वृहद अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में विश्व भर के 105 देशों के खरीदारों और भारत भर के प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया। मेले के अंतिम दिन 12 श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ स्टैंड डिज़ाइन और डिस्प्ले के लिए प्रतिष्ठित अजय शंकर मेमोरियल और पी. एन. सूरी मेमोरियल अवार्ड्स भी प्रदान किए गए।

1. 105 देशों से पहुंचे 7,350 खरीदार, ₹3,600 करोड़ का हुआ रिकॉर्ड कारोबार
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विशाल व्यावसायिक पूछताछ: ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि इस 62वें संस्करण में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, स्पेन, जापान, दक्षिण अफ्रीका और यूएई सहित 105 देशों के लगभग 7,350 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, बाइंग प्रतिनिधियों और घरेलू रिटेल दिग्गजों ने शिरकत की। इससे ₹3,600 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप, ऑर्डर बुकिंग और व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई।
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वैश्विक ब्रांड्स की उपस्थिति: मेले में मैसन्स डू मोंडे (फ्रांस), रॉस स्टोर्स और टीजेएक्स (अमेरिका), निटोरी (जापान), लैंडमार्क ग्रुप (यूएई), ग्रुप 2 लुट्ज़ (ऑस्ट्रिया) और फैबलरूम (ब्रिटेन) जैसे विश्व प्रसिद्ध ब्रांडों के सोर्सिंग प्रतिनिधियों ने सीधे भारतीय निर्माताओं से अनुबंध किए।
2. 17 हॉलों में 3,000 प्रदर्शक और 900 मार्ट्स: सस्टेनेबिलिटी और विरासत का मेल
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3,000 से अधिक प्रदर्शक: 17 समर्पित हॉलों और 900 स्थायी मार्ट/शोरूम्स में फैले इस आयोजन में होम डेकोर, लाइफस्टाइल, फैशन ज्वेलरी, फर्निशिंग, फर्नीचर, सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स, लैंप-लाइटिंग और गिफ्ट्स के विस्तृत संग्रह को प्रदर्शित किया गया।
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ईपीसीएच और कपड़ा मंत्रालय का नेतृत्व: ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “यह एक प्रभावशाली और भव्य संस्करण रहा। हमारे कारीगर-उद्यमियों और प्रदर्शकों ने अपने उत्पादों का स्तर अपग्रेड किया है। विदेशी खरीदारों ने भारतीय हस्तशिल्प की गुणवत्ता और नवाचार को सराहा है और हम मार्च 2027 में होने वाले स्प्रिंग संस्करण को इससे भी ऊंचे स्तर पर ले जाएंगे।”
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सप्लाई चेन का भारत की ओर रुझान: ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि वैश्विक थोक विक्रेता अब चीन व अन्य विकल्पों से हटकर अपनी आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) का विविधीकरण कर रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खरीदार अपने कुल आयात का 40% से 85% तक सामान सीधे भारतीय निर्माताओं से खरीद रहे हैं।
3. गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति और अजय शंकर मेमोरियल अवार्ड्स
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वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं का दौरा: मेले के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व सांसद श्री सैयद ज़फ़र इस्लाम, केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की सचिव सुश्री नीलम शामी राव (IAS), अतिरिक्त सचिव सुश्री आरती कंवर (IAS), हस्तशिल्प विकास आयुक्त श्रीमती अमृत राज और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ श्री रवि कुमार एन. जी. (IAS) समेत अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने दौरा किया और प्रदर्शकों का उत्साहवर्धन किया।
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12 श्रेणियों में पुरस्कार वितरण: मेले के समापन पर नवाचार, रचनात्मकता और सर्वश्रेष्ठ स्टॉल डिस्प्ले के लिए 12 विभिन्न श्रेणियों में अजय शंकर मेमोरियल अवार्ड्स तथा पी. एन. सूरी मेमोरियल अवार्ड्स प्रदान किए गए।
4. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: ‘मेक इन इंडिया’ और वोकल फॉर लोकल की जीत
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का हस्तशिल्प निर्यात ₹33,168 करोड़ ($3,754 मिलियन डॉलर) के स्तर पर पहुँचा है। आईएचजीएफ दिल्ली फेयर जैसे मंच न केवल भारतीय कारीगरों, सूक्ष्म-लघु उद्योगों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देकर भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और सोर्सिंग हब के रूप में मजबूत करते हैं।
‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ देश के औद्योगिक विकास, हस्तशिल्प क्षेत्र, निर्यात प्रोत्साहन और प्रशासनिक पहलों पर अपनी विस्तृत रिपोर्टिंग जारी रखेगी।
