बिहार: सार्वजनिक जगहों पर पैनिक बटन
बिहार में सार्वजनिक जगहों पर लगेंगे पैनिक बटन, बटन दबाते ही पहुंचेगी डायल-112; ADG बोले- रिस्पांस टाइम और घटाएंगे
: बिहार के लोगों के लिए सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर जल्द ही पैनिक बटन (Panic Button) लगाए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति, सड़क दुर्घटना या आपराधिक वारदात के समय इस बटन को दबाते ही सूचना सीधे पुलिस मुख्यालय के ‘डायल-112’ कंट्रोल रूम को चली जाएगी और पुलिस व राहत दल बिना वक्त गंवाए तुरंत मौके पर पहुंच जाएंगे।
यह महत्वपूर्ण जानकारी ADG (तकनीकी सेवाएं एवं संचार) अमित लोढ़ा ने पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी।
रोजाना 6500 लोगों को मिल रही है ऑन-द-स्पॉट आपात सेवा
ADG अमित लोढ़ा ने डायल-112 की सफलताओं का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि इस आपातकालीन नंबर पर रोजाना औसतन 6500 कॉल आ रहे हैं। 6 जुलाई 2022 को इस सेवा की शुरुआत होने के बाद से अब तक 55 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन सहायता पहुंचाई जा चुकी है। इसमें घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न और मासूम बच्चों से जुड़े 4.69 लाख से अधिक मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को रेस्क्यू किया है।
11 मिनट है रिस्पांस टाइम, और कम करने का लक्ष्य
अमित लोढ़ा ने बताया कि वर्तमान में बिहार पुलिस की ‘डायल-112’ गाड़ियों का औसत रिस्पांस टाइम 11 मिनट है, यानी कॉल करने के महज 11 मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस सेवा का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ रिस्पांस टाइम को और अधिक कम करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले साल की तुलना में इस तंत्र की क्षमता में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसे देश की सबसे आधुनिक और अग्रणी आपातकालीन सेवा बनाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिस बल और नई गाड़ियां बेड़े में शामिल की जा रही हैं।
1833 वाहनों का बेड़ा, जल्द जुड़ेंगी अंतरराष्ट्रीय तकनीकें
वर्तमान में डायल-112 के पास कुल 1833 अत्याधुनिक वाहन मौजूद हैं, जिनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया वाहन (बाइक) शामिल हैं। जल्द ही इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
ADG ने बताया कि ‘नेक्स्ट जेनरेशन इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम’ के तहत इस सेवा में जीआईएस (GIS) मैपिंग, डेटा एनालिसिस रिपोर्ट, पेट्रोलिंग मैनेजमेंट, सोशल मीडिया इंटीग्रेशन और डिजिटल फीडबैक सिस्टम जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकें जोड़ी जा रही हैं। भविष्य में इस सिस्टम से सीसीटीएनएस (CCTNS), रेलवे, एनएचएआई (NHAI) और राज्य पथ परिवहन विभाग को भी सीधे लिंक कर दिया जाएगा, जिससे हाईवे और ट्रेनों में भी त्वरित मदद मिल सकेगी।
डायल-112 की मुस्तैदी से बिहार में अपराधों में आई भारी कमी
राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB/SCRB) के ताजा आंकड़ों के हवाले से ADG ने बताया कि डायल-112 की मुस्तैदी के कारण राज्य में अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। पिछले एक साल के भीतर:
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हत्या के मामलों में: 22% की कमी दर्ज की गई है।
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लूट की वारदातों में: 38% की भारी गिरावट आई है।
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महिलाओं के खिलाफ अपराध में: 21% की कमी आई है।
डायल-112 का अब तक का शानदार रिपोर्ट कार्ड:
| क्र.सं. | आपात स्थिति / श्रेणी | कुल निष्पादित मामले (मदद पहुंचाई गई) |
| 1. | स्थानीय विवाद और आपसी मारपीट | 29.97 लाख से अधिक मामले |
| 2. | सड़क दुर्घटनाएं (Road Accidents) | 2.39 लाख से अधिक घायलों को त्वरित सहायता |
| 3. | अगलगी (फायर रेस्क्यू) | 1.30 लाख से अधिक मामलों में तुरंत दमकल गाड़ियां भेजी गईं |
| 4. | महिला एवं बाल संरक्षण (महिला-बच्चे अपराध) | 4.69 लाख से अधिक मामलों में ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई |
इस हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डायल-112 विंग के डीआईजी (DIG) और पुलिस अधीक्षक (SP) भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
(पटना – जया कुमारी)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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