राखीगढ़ी की प्राचीन सभ्यता और नवीन खोजों पर होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी बोले—वैश्विक स्तर पर प्रसारित होगा हमारी ऐतिहासिक विरासत का ज्ञान

“राखीगढ़ी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: हड़प्पा सभ्यता की धरोहर, पुरातात्विक साक्ष्यों और नवीन खोजों पर वैश्विक विद्वानों का महामंथन”

विशेष रिपोर्ट: पुरातात्विक विरासत, शोध एवं सांस्कृतिक गौरव (ऑल RIGHTs मैगजीन)

चंडीगढ़ / हिसार: भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे प्राचीन और विशालकाय हड़प्पाकालीन (सिंधु-सरस्वती) सभ्यता के प्रमुख केंद्र राखीगढ़ी (हरियाणा) के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव को वैश्विक पटल पर लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक विशेष पहल की जा रही है। राखीगढ़ी महोत्सव के तहत आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत और विदेश के प्रसिद्ध पुरातत्वविद, इतिहासकार और वैज्ञानिक राखीगढ़ी से मिले पुरातात्विक साक्ष्यों, डीएनए अध्ययनों, हालिया खुदाई की नवीन खोजों और भविष्य की शोध संभावनाओं पर गहन मंथन करेंगे।

1. मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी का संदेश: वैश्विक स्तर पर स्थापित होगी राखीगढ़ी की पहचान

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने राखीगढ़ी महोत्सव और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:

“राखीगढ़ी हमारी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और प्राचीन मानव सभ्यता को समझने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। राखीगढ़ी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान यहां से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्यों, नवीन खोजों और भविष्य के शोध की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। इससे नई शोध योजनाओं, अंतरराष्ट्रीय संस्थागत सहयोग और हमारी प्राचीन सभ्यता के ज्ञान को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने के नए अवसर मिलेंगे।”

— नायाब सिंह सैनी (मुख्यमंत्री, हरियाणा)

2. राखीगढ़ी: प्राचीन मानव सभ्यता और पुरातात्विक शोध का केंद्र

  • सबसे विशाल हड़प्पाकालीन स्थल: हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी प्राचीन सिंधु-सरस्वती सभ्यता के सबसे बड़े टीलों और बस्तियों में से एक है, जो यह सिद्ध करता है कि यह क्षेत्र उस समय एक बड़ा व्यापारिक, सांस्कृतिक और शहरी केंद्र था।

  • नवीन खोजें और वैज्ञानिक साक्ष्य: हाल के वर्षों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा की गई खुदाई में यहाँ से जल निकासी प्रणाली, उन्नत नगर नियोजन, मुहरें, आभूषण, मिटटी के बर्तन तथा कंकालों के डीएनए विश्लेषण सामने आए हैं। इन साक्ष्यों ने भारतीय इतिहास के कई प्राचीन पहलुओं पर नए प्रकाश डाले हैं।

  • विश्वस्तरीय संग्रहालय की सौगात: हरियाणा सरकार राखीगढ़ी में एक आधुनिक और भव्य विश्वस्तरीय पुरातात्विक संग्रहालय (World-Class Archaeological Museum) विकसित कर रही है, जहाँ यहाँ से प्राप्त दुर्लभ पुरातात्विक अवशेषों को संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा।

3. ‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ का दृष्टिकोण: भारत की प्राचीन विरासत का वैश्विक गौरव

भारत की सांस्कृतिक जड़ों, प्राचीन ज्ञान और ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक मंचों पर सही परिप्रेक्ष्य में स्थापित करना बेहद आवश्यक है। राखीगढ़ी जैसा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न केवल शोधार्थियों और वैज्ञानिकों को नई दिशा देगा, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता की महानता को पूरी दुनिया के सामने प्रमाणिकता के साथ प्रस्तुत करेगा।

‘ऑल RIGHTs मैगजीन’ राष्ट्रीय विरासत, पुरातात्विक विकास, शोध और हरियाणा सरकार की इस ऐतिहासिक पहल पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखेगी।

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