STFएक लाख के इनामी को किया गिरफ्तार
एक लाख का इनामी बदमाश कलुआ उर्फ कालिया आगरा से गिरफ्तार: यूपी एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई; भैंस चोरी, डकैती और हत्या के 24 मुकदमों का इतिहास
(आगरा – विशेष रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (UP STF) को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है । एसटीएफ की आगरा फील्ड इकाई ने जनपद हरदोई के थाना मल्लावां से वांछित और एक लाख रुपये के पुरस्कार घोषित (इनामी) शातिर अपराधी कलुआ उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर लिया है । वह काफी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था ।
हाथी घाट रेलवे ब्रिज के नीचे से हुई गिरफ्तारी
यूपी एसटीएफ से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फरार और इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान मुखबिर से एक सटीक सूचना प्राप्त हुई थी । सूचना में बताया गया कि एक लाख रुपये का इनामी बदमाश कलुआ उर्फ कालिया आगरा के थाना छत्ता क्षेत्र के अंतर्गत यमुना किनारे हाथी घाट रेलवे ब्रिज के नीचे छिपा बैठा है ।
एसटीएफ फील्ड इकाई आगरा के अपर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश के पर्यवेक्षण में उप-निरीक्षक रजनीश चौधरी, मुख्य आरक्षी दिनेश गौतम, अरविन्द सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, अमित चौहान, कृष्णवीर सिंह और आरक्षी प्रदीप चौधरी व हरपाल सिंह की सक्रिय टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर अभियुक्त कलुआ को 20 मई 2026 की रात 08:15 बजे दबोच लिया ।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
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नाम: कलुआ उर्फ कालिया
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पिता का नाम: लाल मोहम्मद
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स्थायी निवास: ग्राम नदरई, थाना कासगंज (नगर), जनपद कासगंज, उत्तर प्रदेश ।
पूछताछ में उगले राज: भैंस चोरी से लेकर हत्या तक का सिंडिकेट
एसटीएफ की कड़ाई से की गई पूछताछ में अभियुक्त कलुआ उर्फ कालिया ने अपने पूरे आपराधिक सिंडिकेट का खुलासा किया । उसने स्वीकार किया कि वह अपने गृह जनपद कासगंज के नदरई में रहकर अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर एक संगठित गैंग (गिरोह) चलाता था । यह गिरोह हत्या, लूट, डकैती और रात के समय खेतों व घरों से भैंसों की चोरी करने की वारदातों को अंजाम देता था ।
यूपी के हरदोई, अलीगढ़, मथुरा आदि जिलों में अपराध करने के बाद वह पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सागर व छतरपुर तथा उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शरण लेता था और वहाँ भी भैंस चोरी व लूट का धंधा जारी रखता था ।
बड़ी आपराधिक वारदातें जिनमें था शामिल
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मथुरा में पशुपालकों पर जानलेवा हमला व लूट: जनवरी 2017 की रात में थाना बल्देव (मथुरा) के ग्राम हैता में अपने साथियों के साथ मिलकर पशुओं के पास सो रहे मोहन सिंह और उनके परिवार पर जानलेवा हमला कर लहूलुहान किया और 7 भैंसों को गाड़ी में लादकर लूट ले गए ।
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अलीगढ़ में डकैती और हत्या का प्रयास: दिसंबर 2020 में थाना गांधीपार्क (अलीगढ़) क्षेत्र में मुन्ना और चांद ड्राइवर के घर में घुसकर लोगों को गंभीर रूप से घायल किया और 11 भैंसें, सोने-चांदी के जेवरात व 46 हजार रुपये नगद लूट लिए । इस मामले में 16 अपराधियों का नाम सामने आया था ।
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मैनपुरी में हत्या: दिसंबर 2018 में थाना भोगांव (मैनपुरी) क्षेत्र में आसिफ नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में भी कलुआ का नाम विवेचना में सामने आया था, जिसके बाद वह जेल भी गया था ।
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हरदोई में तमंचे के बल पर वारदात: नवंबर 2020 में हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र के नया गांव में टाटा 407 और कार सवार साथियों के साथ एक व्यक्ति की कनपटी पर तमंचा सटाकर भैंस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था ।
24 संगीन मुकदमों का लंबा इतिहास
सीओ एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार कलुआ उर्फ कालिया का एक बेहद लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास है । उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे कासगंज, हरदोई, मथुरा, हाथरस, गौतमबुद्धनगर, एटा, अलीगढ़ और मैनपुरी के अलग-अलग थानों में हत्या (302), हत्या का प्रयास (307), डकैती (395), गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत कुल 24 गंभीर मामले दर्ज हैं । एसटीएफ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद स्थानीय पुलिस के माध्यम से आरोपी को जेल भेज दिया है और उसके गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है ।

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