सीएम सम्राट चौधरी की बाढ़ और श्रावणी मेला बैठक
बिहार: सीएम सम्राट चौधरी एक्शन मोड में: श्रावणी मेला और बाढ़-सुखाड़ की तैयारियों को लेकर की हाई-लेवल मीटिंग
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य में आगामी मानसून और आस्था के महापर्व को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना स्थित ‘संवाद’ सभागार में दो अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें कीं। पहली बैठक ‘विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026’ की सुरक्षा व नागरिक सुविधाओं को लेकर हुई, जबकि दूसरी बैठक राज्य में संभावित ‘बाढ़ एवं सुखाड़’ से निपटने की पूर्व तैयारियों पर केंद्रित रही। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए इस महाबैठक से सूबे के सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और एसएसपी/एसपी (SSP/SP) सीधे जुड़े रहे।
1. श्रावणी मेला-2026: कांवरियों की सुविधाओं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवरियों को बिहार की सीमा में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:
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व्यवस्थित कांवरिया पथ: सीएम ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित जिलों के डीएम और एसपी श्रावणी मेला की मुकम्मल तैयारियों का एक विस्तृत और व्यावहारिक प्रतिवेदन तैयार करें। पैदल चलने वाले कांवरिया पथ (कांवरिया रूट) को पूरी तरह व्यवस्थित और सुगम बनाया जाए।
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विश्राम स्थलों पर वीआईपी सुविधाएं: कांवरियों के प्रमुख विश्राम स्थलों और धर्मशालाओं पर चौबीसों घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छ शौचालय, निरंतर साफ-सफाई और ठंडे पेयजल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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सुरक्षा और निर्बाध बिजली: शिवालयों और मुख्य घाटों पर जल चढ़ाने के दौरान भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को दुरुस्त रखने का आदेश दिया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। बिजली विभाग को सख्त हिदायत दी गई है कि पूरे रूट पर कहीं भी बिजली का कोई नंगा तार न रहे और मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाए।
14 विभागों का संयुक्त प्रेजेंटेशन: बैठक के दौरान राजस्व सचिव जय सिंह ने सुरक्षा, पेयजल, सीसीटीवी (CCTV) निगरानी और अग्निशमन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन, नगर विकास, स्वास्थ्य, ऊर्जा, जल संसाधन और पर्यटन समेत कुल 14 विभागों के सचिवों ने अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने मेले का त्रिस्तरीय सुरक्षा प्लान साझा किया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, कैबिनेट के 6 अन्य मंत्री, मुख्य सचिव दीपक कुमार तथा डीजीपी विनय कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
2. बाढ़-सुखाड़ की पूर्व तैयारी: 31 मई तक तटबंध और सड़क कार्य पूरा करने की डेडलाइन
बिहार में हर साल आने वाली प्राकृतिक आपदा से जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने समय से पहले पुख्ता तैयारियां करने का आदेश दिया।
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आपदा को विपदा न बनने दें: सीएम ने दो टूक कहा कि बाढ़ और सुखाड़ दोनों ही विपरीत परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और सभी जिलों के डीएम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ जाएं।
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31 मई की अंतिम समयसीमा: बाढ़ संभावित और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में नदियों के तटबंधों (Embankments) की मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण कार्य को 31 मई से पहले हर हाल में शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाए।
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जून-जुलाई में कम बारिश का अनुमान: बिहार मौसम सेवा केंद्र के वैज्ञानिक पूर्वानुमान के अनुसार, इस वर्ष जून और जुलाई में सामान्य से कम, अगस्त में सामान्य और सितंबर में फिर से कम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण बिहार में औसत से काफी कम और उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा का अनुमान जताया गया है।
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राहत सामग्रियों का एडवांस स्टॉक: मुख्यमंत्री ने बाढ़ आश्रय स्थलों, सामुदायिक रसोइयों (Community Kitchens), नावों की उपलब्धता, पॉलिथीन शीट्स, आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं, पशु चारे और ड्राई राशन पैकेट्स की अग्रिम व्यवस्था करने को कहा है। जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को भी एक्टिव कर दिया गया है।
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प्रभारी मंत्रियों का फील्ड दौरा: जिलों के प्रभारी मंत्रियों और प्रभारी सचिवों को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों का सघन भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है ताकि वे स्थानीय समस्याओं का सटीक आकलन कर सकें। इसके अलावा गर्मी के चलते गिरते भू-जलस्तर पर पैनी नजर रखने और शुद्ध पेयजल के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोहराया कि “राज्य के सरकारी खजाने पर पहला अधिकार हमेशा आपदा पीड़ितों का होता है।” इस वर्ष गर्मी का प्रकोप अत्यधिक है, जिसे ध्यान में रखकर ही कार्ययोजना बनाई जाए। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल समेत 7 विभागों के सचिवों ने मुख्यमंत्री को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत की जा रही तैयारियों की बिंदुवार जानकारी दी।
(पटना – नरेश अग्रवाल)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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