विकास हत्याकांड का मुख्य आरोपी सोनू कश्यप गिरफ्तार: इंस्टाग्राम रील बनी गिरफ्तारी का जरिया
“18 महीने से फरार ‘विकास हत्याकांड’ का मुख्य आरोपी सोनू कश्यप गिरफ्तार: इंस्टाग्राम रील ने पहुंचाया जेल की सलाखों के पीछे”
बरेली: कानून के लंबे हाथों से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलने वाले अपराधियों के लिए सोशल मीडिया का मोह ही उनकी गिरफ्तारी का सबब बन रहा है। बरेली के चर्चित ‘विकास हत्याकांड’ का मुख्य आरोपी और 18 महीने (डेढ़ साल) से फरार चल रहा इनामी बदमाश सोनू कश्यप आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है।
बरेली पुलिस ने आधुनिक डिजिटल सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की मदद से आरोपी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की गिरफ्तारी में इंस्टाग्राम (Instagram Reel) पर अपलोड की गई एक रील मुख्य सुराग साबित हुई।
1. 18 महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा
पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, विकास हत्याकांड के बाद से ही सोनू कश्यप गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था:
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बरेली से भागकर एमपी में ठिकाना: आरोपी बरेली से फरार होकर मध्य प्रदेश चला गया था, जहां वह पहचान छिपाकर स्थानीय मेलों और बाजारों में घूम-घूमकर कपड़े बेचने की दुकान (स्टॉल) चला रहा था।
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पहचान छिपाने की कोशिश: वह किसी भी पुराने परिचित के संपर्क में नहीं आ रहा था और स्थानीय पुलिस को चकमा देने के लिए सामान्य व्यापारी की तरह जिंदगी बिता रहा था।
2. इंस्टाग्राम रील बनी गिरफ्तारी का मुख्य जरिया
फरार रहने के बावजूद आरोपी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से खुद को रोक नहीं सका, जो अंततः उसकी गिरफ्तारी का कारण बना:
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डिजिटल सर्विलांस से मिला सुराग: बरेली पुलिस की सर्विलांस और साइबर सेल की टीम आरोपी के संभावित सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार नजर बनाए हुए थी।
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लोकेशन ट्रैक: हाल ही में आरोपी द्वारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई एक रील के बैकग्राउंड (लोकेशन्स) और बैकड्रॉप का गहन विश्लेषण किया गया। साइबर टीम ने रील में दिख रहे मेले के दृश्य और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर मध्य प्रदेश में उसके सटीक स्थान को चिन्हित (Geo-tag) कर लिया।
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टीम भेजकर दबिश: स्थान की पुष्टि होते ही बरेली पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश में त्वरित छापेमारी की और मेला परिसर से आरोपी सोनू कश्यप को दबोच लिया।
3. पुलिस की सख्त संदेश: अपराध कर सोशल मीडिया पर बचना नामुमकिन
बरेली पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जघन्य अपराधों में लिप्त भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए अब पारंपरिक मुखबिर तंत्र के साथ-साथ एडवांस साइबर इंटेलिजेंस का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
‘ऑल राइट्स मैगजीन’ निष्पक्ष रिपोर्टिंग के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा अपराध नियंत्रण और डिजिटल फॉरेंसिक के इस सफल प्रयोग की सराहना करती है।
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