20 लाख की चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार
गोरखपुर: 20 लाख की चरस के साथ अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्कर गिरफ्तार; नेपाल से बिहार होते हुए यूपी में खपाने जा रहा था खेप, यूपी एसटीएफ को मिली सफलता
दिनांक: 29-05-2026
(गोरखपुर/लखनऊ): उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तर प्रदेश को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की टीम ने गोरखपुर जिले से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थ (चरस) की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में फाइन क्वालिटी की चरस बरामद की गई है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में आंकी गई है।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
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नाम: रामचंदर पुत्र बाबूराम
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पता: मुजाहिदपुर सराय, थाना हयातनगर, जनपद सम्भल (उत्तर प्रदेश)
बरामदगी का विवरण
एसटीएफ टीम द्वारा अभियुक्त के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया है:
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अवैध चरस: 4.00 किलोग्राम (अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 20 लाख रुपये)
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मोबाइल: 01 अदद
पहचान पत्र: 01 अदद आधार कार्ड (सुरक्षा मानकों के तहत पहचान संख्या गोपनीय)
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नगदी: 1,090/- रुपये नगद
गिरफ्तारी का स्थान व समय
अभियुक्त रामचंदर को गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय हाईवे 24 पर महोब बंधा मोड़ के पास, थाना बेलीपार, जनपद गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी दिनांक 28-05-2026 को रात्रि समय 20:28 बजे अमल में लाई गई।
नेपाल से कानपुर जा रही थी खेप, एसटीएफ ने बिछाया जाल
उत्तर प्रदेश एसटीएफ को पिछले काफी दिनों से लगातार खुफिया माध्यमों से सूचनाएं मिल रही थीं कि भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्कर गिरोह सक्रिय हैं। ये गिरोह कैरियरों (कूरियर) के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भारी मात्रा में चरस की खेप भेज रहे हैं। इस सूचना पर श्री दिनेश कुमार सिंह (अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उ०प्र०, लखनऊ) के पर्यवेक्षण में खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया था।
इसी क्रम में एसटीएफ को पुख्ता जानकारी मिली कि गिरोह का एक सदस्य नेपाल से चरस की बड़ी खेप लेकर रक्सौल (पूर्वी चम्पारण, बिहार) और गोरखपुर के रास्ते कानपुर जाने वाला है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ के उपनिरीक्षक श्री अमित कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक विद्यासागर, मुख्य आरक्षी स्वरूप कुमार पाण्डेय, मुख्य आरक्षी जितेन्द्र कुमार वर्मा, मुख्य आरक्षी अमित कुमार सिंह और मुख्य आरक्षी चालक सुरेश की टीम ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत श्री अनुज कुमार सिंह (क्षेत्राधिकारी बांसगाँव, गोरखपुर) को साथ लेकर घेराबंदी की और अभियुक्त को दबोच लिया।
पूछताछ में खुलासा: कई वर्षों से चल रहा था सिंडिकेट
एसटीएफ की पूछताछ में तस्कर रामचंदर ने अपने पूरे नेटवर्क और कार्यप्रणाली का पर्दाफाश किया है:
“उसने कुबूल किया कि उसका एक संगठित गिरोह है जो अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। गिरोह के सदस्य नेपाल और बिहार के विभिन्न सीमावर्ती इलाकों से सस्ते दामों पर चरस की खेप उठाते हैं और फिर उसे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करते हैं। इस बार बरामद हुई चरस वह बिहार के रक्सौल से लेकर आया था और उसे कानपुर व उसके आस-पास के जनपदों में सप्लाई करना था। आरोपी ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से इस अवैध काले कारोबार में संलिप्त है।”
बेलीपार थाने में मुकदमा दर्ज, स्थानीय पुलिस करेगी आगे की जांच
गिरफ्तार तस्कर रामचंदर के खिलाफ थाना बेलीपार, जनपद गोरखपुर में मु0अ0सं0 125/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। आरोपी को जेल भेजने और इस पूरे इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अन्य मुख्य सरगनाओं की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस आगे की वैधानिक व कानूनी कार्रवाई कर रही है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

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