शेखपुरा: भूमि विवाद पर हाई लेवल मीटिंग
डीएम-एसपी की अध्यक्षता में भूमि विवाद पर समीक्षा बैठक; 28 मामले लंबित, त्वरित निपटारे के निर्देश
शेखपुरा: जिले में भूमि विवादों के समाधान और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी (DM) शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक (SP) बलिराम कुमार चौधरी की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लंबित मामलों की प्रगति और शराबबंदी कानून के प्रभावी कार्यान्वयन पर चर्चा की गई।
भूमि विवादों का वर्तमान स्टेटस
बैठक के दौरान जिले में भूमि विवाद से जुड़े आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई, जो इस प्रकार हैं:
| विवरण | संख्या |
| कुल प्राप्त आवेदन | 1874 |
| निष्पादित मामले | 1840 |
| लंबित मामले | 28 |
| अस्वीकृत आवेदन | 06 |
| नए आवेदन (25-28 मार्च) | 19 |
जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
जिलाधिकारी शेखर आनंद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं:
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लंबित मामलों का निपटारा: शेष बचे 28 भूमि विवादों को बिना किसी देरी के त्वरित गति से निपटाने का आदेश दिया गया है।
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थानाध्यक्षों की जिम्मेदारी: सभी थानेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में भूमि विवादों की गंभीरता से समीक्षा करने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने का टास्क सौंपा गया है।
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शराब माफिया पर कार्रवाई: अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के ठिकानों पर निरंतर छापेमारी और सघन तलाशी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है。
प्रशासनिक उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, एसडीएम (SDM), भूमि सुधार उप समाहर्ता, डीएसपी (DSP) मुख्यालय और जिले के सभी थानाध्यक्षों ने शिरकत की।
निष्कर्ष:
शेखपुरा प्रशासन का मुख्य फोकस भूमि विवादों के त्वरित समाधान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अवैध शराब के व्यापार पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।
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रिपोर्ट: उमेश कुमार,शेखपुरा(बिहार)
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

