चीन को चावल निर्यात पर APEDA सख्त
चीन की ‘GMO’ चाल पर भारत का करारा प्रहार: APEDA ने चावल निर्यातकों के लिए जारी किए बेहद सख्त नियम
(नई दिल्ली): भारत और चीन के बीच व्यापारिक मोर्चे पर जारी तनातनी के बीच, भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। मार्च के महीने में चीन द्वारा भारतीय चावल की खेपों (Shipments) को जेनेटिकली मॉडिफाइड (GMO) बताकर वापस लौटाने की मनमानी के बाद, भारत सरकार ने निर्यातकों के लिए नए और बेहद कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं [cite: चीन द्वारा GMO का हवाला देकर भारतीय चावल की खेपें लौटाने के बाद, APEDA ने चीन को चावल निर्यात के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।, मार्च के महीने में चीन ने भारत के चावल की शिपमेंटको वापस लौटा दिया था। चीन ने तर्क दिया था कि भारत की ओर से आने वाले चावल में GMO (जेनेटिकली मॉडिफाइड) के अंश पाए गए हैं।]।
इस नए कदम का उद्देश्य भारतीय चावल की गुणवत्ता पर उठने वाले हर सवाल को हमेशा के लिए खत्म करना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में देश की साख को मजबूत बनाए रखना है।
क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
भारत और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते जितने पुराने हैं, उतने ही उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं [cite: चीन और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते पुराने हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच अक्सर तना-तनी भी देखने को मिलती रहती है।]। हाल ही में चीन ने भारतीय चावल की खेपों को यह कहकर रिजेक्ट कर दिया था कि इनमें जीएमओ (GMO) के अंश मौजूद हैं [cite: चीन ने GMO का हवाला देकर भारतीय चावल लौटाए थे।, चीन ने तर्क दिया था कि भारत की ओर से आने वाले चावल में GMO (जेनेटिकली मॉडिफाइड) के अंश पाए गए हैं।]। चीन के इस अड़ंगे के बाद भारतीय चावल निर्यातकों में हड़कंप मच गया था और उन्होंने सरकार तथा अपेडा (APEDA) से इस मामले में तुरंत दखल देने की गुहार लगाई थी।
APEDA की नई गाइडलाइंस: अब इन 3 नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य
निर्यातकों की मांग और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए APEDA ने अब चीन को होने वाले चावल निर्यात के लिए तीन बड़े और अनिवार्य नियम लागू कर दिए हैं:
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1. GACC में पंजीकरण (Registration): चीन को चावल भेजने वाले हर भारतीय निर्यातक को अब चीन के सीमा शुल्क सामान्य प्रशासन (GACC) में अपना अनिवार्य पंजीकरण कराना होगा।
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2. अनिवार्य GMO जांच: सीमा पार माल भेजने से पहले चावल की खेप की कड़ाई से जीएमओ (GMO) जांच की जाएगी, ताकि चीन को दोबारा उंगली उठाने का कोई मौका न मिले।
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3. HACCP प्रणाली का पालन: वैश्विक मानकों के अनुरूप खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्यातकों को HACCP (हजार्ड एनालिसिस क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट) प्रणाली को पूरी तरह लागू करना होगा।
सरकार के इस त्वरित और सख्त फैसले से भारतीय चावल की विश्वसनीयता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ेगी, साथ ही चीन की मनमानी पर भी पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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