शाहजहाँपुर: मंत्री के पैर छूते ARTO
शाहजहांपुर: मंत्री दयाशंकर सिंह के पैर छूते नजर आए ARTO, वीडियो वायरल होने पर उठे सवाल
शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के शाहजहांपुर दौरे के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया, जिसकी चर्चा अब प्रशासनिक गलियारों में तेज हो गई है। जिले के एआरटीओ (ARTO) सर्वेश सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे प्रोटोकॉल भूलकर सार्वजनिक रूप से मंत्री के पैर छूते नजर आ रहे हैं।
बस अड्डे पर ‘भक्ति’ का वीडियो वायरल
सोमवार दोपहर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना करीब 47 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का उद्घाटन करने शाहजहांपुर पहुंचे थे। मंत्रियों का काफिला जैसे ही नए सैटेलाइट बस अड्डे पर रुका:
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दौड़कर छुए पैर: कार से उतरते ही भाजपा पदाधिकारियों के साथ एआरटीओ सर्वेश सिंह भी दौड़कर मंत्री के पास पहुंचे और झुककर उनके पैर छुए।
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अधिकारी बनाम डीएम: दिलचस्प बात यह रही कि जहाँ एआरटीओ पैर छू रहे थे, वहीं डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने हाथ मिलाकर गरिमापूर्ण तरीके से मंत्रियों का स्वागत किया।
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चर्चा का विषय: सर्वेश सिंह फरवरी 2025 से यहाँ तैनात हैं। सरकारी अधिकारी का इस तरह राजनेता के चरणों में झुकना अब बहस का मुद्दा बन गया है।
विपक्ष पर बरसे दयाशंकर: ‘महिलाओं को नेता नहीं बनने दे रहा विपक्ष’
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दयाशंकर सिंह ने राजनीति के मुद्दों पर भी बेबाकी से बात की। महिला आरक्षण बिल को लेकर उन्होंने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया:
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परिवारवाद पर हमला: मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल केवल अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि सामान्य परिवार की महिलाएं नेतृत्व करें।
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आरक्षण का विरोध: उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने आरक्षण का विरोध इसलिए किया ताकि कोई महिला अपने बलबूते नेता न बन सके। आजादी के बाद सबसे ज्यादा सत्ता सुख भोगने वाली पार्टियों ने लाभ केवल अपने घर तक सीमित रखा।
शाहजहांपुर को मिली 47 करोड़ की सौगात
इस दौरे के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और परिवहन मंत्री ने जिले के विकास के लिए कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उनके साथ सांसद अरुण सागर भी मौजूद रहे। मंत्रियों ने बस अड्डे की सुविधाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निष्कर्ष: विकास योजनाओं की सौगात के बीच एआरटीओ का मंत्री के प्रति यह ‘अति-उत्साह’ चर्चा में है। सोशल मीडिया पर लोग इसे प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत श्रद्धा। फिलहाल, यह वीडियो शाहजहांपुर के सियासी और प्रशासनिक हलकों में खूब साझा किया जा रहा है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर
(Allrights Magazine)

