UPमें प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण डिजिटल क्रांति

यूपी में डिजिटल क्रांति लाएगा ‘प्रोजेक्ट गंगा’: गांव-गांव पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट; युवाओं और महिलाओं को हर महीने 1 लाख तक कमाई का मौका

विशेष आर्थिक व डिजिटल रिपोर्ट

(लखनऊ): उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों की सूरत बदलने और गांव के युवाओं को डिजिटल तौर पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए योगी सरकार एक अभूतपूर्व योजना लेकर आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनूठी पहल पर शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट गंगा’ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और आर्थिक क्रांति का एक नया अध्याय लिखने जा रहा है [cite: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट गंगा’ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति का नया अध्याय साबित होने जा रहा है।]।

इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर गांव तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना और ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को अपने ही गांव में रहकर ‘डिजिटल उद्यमी’ बनने का सुनहरा अवसर देना है [cite: इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गांव-गांव तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करना और युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है।]। स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन (STC) के सीईओ श्री मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में इस पूरी परियोजना का विस्तृत खाका पेश किया [cite: स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। ]।

सड़क-बिजली की तरह इंटरनेट भी मूलभूत जरूरत, तैयार होंगे 10 हजार ‘डीएसपी’

प्रेस वार्ता के दौरान सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में हाई-स्पीड इंटरनेट केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सड़क, बिजली और पानी की तरह एक अनिवार्य मूलभूत आवश्यकता बन चुका है [cite: स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि, आज के दौर में हाई स्पीड इंटरनेट सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता बन चुका है।]।

  • पंचायत स्तर तक कनेक्टिविटी: मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट गंगा के तहत सबसे पहले न्याय पंचायतों और उसके बाद सभी ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से पूरी तरह जोड़ दिया जाएगा।

  • 1 लाख से अधिक रोजगार: इस डिजिटल नेटवर्क को चलाने और संभालने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ८ से १० हजार डिजिटल सेवा प्रदाता (DSP – Digital Service Providers) तैयार किए जाएंगे। इससे राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से १ लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

आधी आबादी को कमान: महिलाओं को मिलेगा 50% से अधिक आरक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशानुसार, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और स्वावलंबी बनाने के लिए इस योजना में महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है:

  • रोजगार में प्राथमिकता: योजना के तहत कुल तैयार होने वाले पदों (DSPs) में ५० प्रतिशत से अधिक पदों पर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • मुफ्त प्रशिक्षण: चयनित ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को सरकार द्वारा विशेष तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण (Training) देकर ‘डिजिटल उद्यमी’ के रूप में स्थापित किया जाएगा, ताकि वे बिना पलायन किए अपने घर-गांव से ही काम कर सकें [cite: चयनित युवाओं को प्रशिक्षण देकर डिजिटल उद्यमी के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिससे वे अपने गांव में रहकर ही रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।]।

कमाई का गणित: ₹20,000 से ₹1,000,000 तक मासिक आय का मौका

प्रोजेक्ट गंगा ग्रामीण उद्यमियों के लिए कमाई का एक बेहद शानदार और टिकाऊ जरिया बनने जा रहा है:

  • शुरुआती आय: ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग ३५० से ३९० रुपये प्रतिमाह की दर पर घरेलू इंटरनेट कनेक्शन दिए जाएंगे। जैसे-जैसे लोग इस नेटवर्क से जुड़ेंगे, शुरुआती ७ से ८ महीनों के भीतर ही एक डिजिटल उद्यमी की मासिक आय २० हजार रुपये तक हो जाएगी।

  • अधिकतम आय: एक बार जब गांव में ब्रॉडबैंड कनेक्शनों की संख्या बढ़ जाएगी, तो इन डिजिटल सेवा प्रदाताओं की मासिक कमाई १ लाख रुपये प्रति महीने तक पहुंच सकती है।

बिना ब्याज के मिलेगा 5 लाख का लोन, सिर्फ 50 हजार की मार्जिन मनी

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए युवाओं को पैसों की तंगी से नहीं जूझना पड़ेगा, क्योंकि सरकार इसमें भारी वित्तीय सहायता दे रही है:

  • परियोजना की लागत: ग्राम पंचायत स्तर पर इस पूरे डिजिटल सेटअप को खड़ा करने की कुल लागत ५.५३ लाख रुपये आएगी।

  • मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का सहारा: इस कुल लागत में से ५ लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण (Interest-Free Loan) सरकार अपनी ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के तहत उपलब्ध कराएगी।

  • मात्र ५० हजार का निवेश: डिजिटल उद्यमी बनने के लिए युवा को अपनी जेब से मार्जिन मनी के तौर पर सिर्फ ५० हजार रुपये लगाने होंगे, बाकी का पूरा इंतजाम सरकार की तरफ से सुलभ कराया जाएगा।

इस क्रांतिकारी योजना से उत्तर प्रदेश के गांव न सिर्फ तकनीकी रूप से दुनिया से जुड़ेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई और आधुनिक रफ्तार मिलेगी।


(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)

 एडिटर (Allrights Magazine)


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