यूपी में सरदार पटेल रोजगार क्षेत्र को मंजूरी
यूपी में रोजगार की सबसे बड़ी क्रांति: ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र’ को हरी झंडी; हर साल 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग और नौकरी का लक्ष्य
विशेष आर्थिक व रोजगार रिपोर्ट
(लखनऊ): उत्तर प्रदेश की विशाल युवा शक्ति को वैश्विक स्तर पर कुशल बनाने और राज्य के भीतर ही रोजगार व स्वरोजगार का एक अभूतपूर्व समेकित तंत्र स्थापित करने के लिए योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महत्वाकांक्षी ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र’ (SVBPEIZ) परियोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं [cite: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसवीबीपीईआईजेड) परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।]।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है [cite: मंगलवार को परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति का प्रदेश है।]। तेजी से आ रहे भारी निवेश और बदलती तकनीकों के बीच युवाओं को सीधे उद्योगों की मांग के अनुसार तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है [cite: तेजी से बढ़ते निवेश, विस्तार ले रहे उद्योगों और बदलती तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य को ऐसे संस्थागत ढांचे की जरूरत है जो युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से सीधे जोड़ सके।]।
9 क्षेत्रीय हब और ‘सिंगापुर मॉडल’ से प्रेरित होगी ट्रेनिंग
इस परियोजना को विश्वस्तरीय बनाने के लिए योगी सरकार अंतरराष्ट्रीय मानकों का सहारा ले रही है:
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सिंगापुर से करार: यूपी के युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा देने के लिए सिंगापुर के प्रसिद्ध इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (ITE) और उसकी नॉलेज पार्टनर संस्था ITEES के वैश्विक अनुभवों का लाभ लिया जाएगा। यह संस्था पाठ्यक्रम विकास, डिजिटल साक्षरता और आधुनिक अवसंरचना के निर्माण में मदद करेगी [cite: पाठ्यक्रम विकास, क्षमता निर्माण, गुणवत्ता आश्वासन, मूल्यांकन, नेतृत्व विकास और प्रशिक्षण अवसंरचना के निर्माण में उसकी विशेषज्ञता का लाभ प्रदेश को मिलेगा।]।
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हब एवं स्पोक मॉडल: पूरे प्रदेश को नौ क्षेत्रीय जोनों में विभाजित कर ‘हब एवं स्पोक’ संरचना लागू की जाएगी। हर जोन में एक ‘उत्कृष्टता केंद्र’ (हब) होगा, जो उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और प्लेसमेंट संभालेगा, जबकि उससे जुड़े क्षेत्रीय कौशल विकास केंद्र (स्पोक) स्थानीय स्तर पर युवाओं को ट्रेनिंग देंगे [cite: प्रत्येक जोन में एक उत्कृष्टता केंद्र (हब) तथा उससे जुड़े क्षेत्रीय कौशल विकास केंद्र (स्पोक) विकसित किए जाएंगे।, हब स्तर पर उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, प्रशिक्षक प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और कैरियर सेवाओं का संचालन होगा, जबकि क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम स्पोक केंद्रों के माध्यम से संचालित किए जाएंगे।]।
एक ही छत के नीचे ‘प्लग एंड प्ले’ उद्योग और विदेशी भाषा प्रशिक्षण
यह परियोजना केवल एक पारंपरिक ट्रेनिंग सेंटर नहीं होगी, बल्कि युवाओं और उद्यमियों के लिए एक पूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम होगी [cite: उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना को केवल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग और उद्यमिता के समेकित इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाए।]। एक ही परिसर (Campus) के भीतर निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
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औद्योगिक भूखंड और ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug and Play) औद्योगिक सुविधाएं (जहां उद्यमी सीधे आकर अपना काम शुरू कर सकते हैं) [cite: परियोजना के तहत कौशल विकास केंद्र, औद्योगिक भूखंड,稳प एंड प्ले औद्योगिक सुविधाएं, साझा सुविधा केंद्र, रोजगार सहायता तंत्र, व्यावसायिक सेवाएं, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम तथा उद्यमिता सहायता सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी।]।
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विदेशी भाषा प्रशिक्षण (ताकि युवाओं को विदेशों में भी रोजगार मिल सके), डिजिटल साक्षरता और उद्यमिता सहायता केंद्र [cite: परियोजना के तहत कौशल विकास केंद्र, औद्योगिक भूखंड, प्लग एंड प्ले औद्योगिक सुविधाएं, साझा सुविधा केंद्र, रोजगार सहायता तंत्र, व्यावसायिक सेवाएं, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम तथा उद्यमिता सहायता सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी।]।
पहले चरण के लिए इन 6 जिलों में 369 एकड़ जमीन उपलब्ध
परियोजना के धरातल पर उतरने की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रथम चरण के लिए भूमि का आवंटन भी शुरू हो चुका है:
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चिह्नित जिले: मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ तथा कानपुर नगर में कुल ३६९ एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जबकि अन्य जिलों में भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से जारी है [cite: बैठक में बताया गया कि परियोजना के प्रथम चरण के लिए मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ तथा कानपुर नगर में कुल 369 एकड़ भूमि उपलब्ध है। अन्य जिलों के लिए भी भूमि की उपलब्धता हो रही है।]।
परियोजना के बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य (सालाना)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि भूमि उपलब्धता से लेकर निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP Model) तक के तमाम प्रस्तावों पर बिना किसी देरी के निर्णय लिया जाए, ताकि इस गेमचेंजर परियोजना को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जा सके [cite: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि उपलब्धता, संस्थागत संरचना, निजी क्षेत्र की भागीदारी तथा क्रियान्वयन मॉडल से संबंधित प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेते हुए परियोजना को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए।]।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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