रुहेलखंड vv लापरवाही: 70 खिलाड़ियों की परीक्षा अटकी

रुहेलखंड विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही: खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले 70 खिलाड़ियों का भविष्य अधर में, 7 महीने से टली विशेष परीक्षा

बरेली: महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU) प्रबंधन की घोर अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण विश्वविद्यालय का मान बढ़ाने वाले लगभग 70 खिलाड़ी छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है। खेल प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के कारण इन विद्यार्थियों की नियमित परीक्षाएं छूट गई थीं। पिछले सात महीनों से विशेष परीक्षा (Special Exam) के आयोजन का इंतजार कर रहे ये छात्र अब बैक (Back Paper) लगने और परिणाम अटके होने के कारण मानसिक तनाव झेलने को मजबूर हैं।

SBI PO करियर भी दांव पर, दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर छात्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय और खेल विभाग की आपसी खींचतान का खामियाजा होनहार खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है। सात महीने से टल रही इस परीक्षा के कारण एक मेधावी छात्र का ‘एसबीआई पीओ’ (SBI PO) का करियर भी अधर में लटक गया है, क्योंकि परिणाम जारी न होने से वह अगले चरण के लिए दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि खेल विभाग ने अब तक पात्र खिलाड़ियों की अंतिम सूची परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को नहीं भेजी है, जिससे फाइल धूल फांक रही है और छात्र दोनों दफ्तरों के बीच फुटबॉल बनने को विवश हैं।

सेंट्रल जोन टूर्नामेंट में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने की मिली सजा परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे पीड़ित छात्र हर्षित ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जनवरी 2026 में आयोजित ‘सेंट्रल जोन इंटर यूनिवर्सिटी फुटबॉल टूर्नामेंट’ में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से अधिकारिक तौर पर हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता की तिथियों के कारण उनकी तृतीय सेमेस्टर (3rd Semester) की परीक्षा छूट गई थी। हर्षित का कहना है कि जिस विश्वविद्यालय ने उन्हें खेलने के लिए बाहर भेजा, अब वही परीक्षा कराने में आनाकानी कर रहा है। खिलाड़ियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विशेष परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,

सीनियर एडिटर (Allrights Magazine

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