बरेली: 100 से अधिक अवैध कार बाजार बेधड़क
बरेली में नियम-कानूनों को ठेंगा: बिना लाइसेंस चल रहे 100 से अधिक अवैध कार बाजार, विभाग के ढुलमुल रवैये से करोड़ों का खेल
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में परिवहन विभाग की अनदेखी और ढुलमुल कार्यशैली के कारण अवैध कार बाजारों का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों पर बिना किसी वैध लाइसेंस के 100 से अधिक अवैध कार बाजार संचालित किए जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि करीब एक साल पहले शासन द्वारा इन बाजारों को वैध करने और नियमन के दायरे में लाने के लिए आदेश जारी किया गया था, लेकिन धरातल पर अब तक एक भी कार बाजार का लाइसेंस जारी नहीं हो सका है।
20 लाख की बैंक गारंटी और अनिवार्य पार्किंग का नियम हवा-हवाई शासन ने सालभर पहले स्पष्ट आदेश जारी किया था कि पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त करने वाले संचालकों को कंपनी बनाकर नियमत: कार बाजार चलाना होगा। इसके लिए:
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₹20 लाख की बैंक गारंटी जमा करना अनिवार्य किया गया था।
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वाहनों को खड़ा करने के लिए प्रॉपर पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का नियम बनाया गया था।
आदेश जारी होते ही संचालकों और विभाग में खलबली जरूर मची थी, लेकिन समय बीतने के साथ ही परिवहन विभाग ‘एक कदम आगे और दो कदम पीछे’ खींचने की अपनी पुरानी परंपरा पर लौट आया।
पीलीभीत बाईपास से लेकर सीबीगंज तक फैला नेटवर्क; प्रतिदिन करोड़ों का कारोबार सैटेलाइट बस अड्डे से पीलीभीत बाईपास रोड, स्टेडियम रोड और सीबीगंज जैसे प्रमुख इलाकों में सड़क किनारे दोनों तरफ अवैध रूप से पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का दैनिक आधार पर करोड़ों रुपये का कारोबार हो रहा है। श्री राधा माधव, न्यू दुर्गा, श्री बालाजी, स्टार, श्री राधे, गुप्ता, आहूजा और अग्रवाल कार बाजार जैसे विभिन्न नामों से ये अवैध ठिकाने खुलेआम चल रहे हैं।
सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी होने से न केवल ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या पैदा हो रही है, बल्कि शासन को राजस्व का भी भारी नुकसान हो रहा है। परिवहन विभाग के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं और कार्रवाई के नाम पर शासन से ‘दिशा-निर्देश’ मिलने का इंतजार करने का बहाना बना रहे हैं।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

