शेखपुरा में खरीफ महाअभियान 2026
बिहार: शेखपुरा में ‘खरीफ महाअभियान 2026’ का आयोजन; किसानों से पंजीकरण और नामांतरण की अपील
(शेखपुरा, बिहार): जिले के किसानों को खरीफ फसल और सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है [cite: शेखपुरा: जिले के किसानों को खरीफ फसल और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आज संयुक्त कृषि भवन, शेखपुरा में जिला स्तरीय ‘प्रशिक्षण सह कार्यशाला खरीफ महाअभियान 2026’ का आयोजन किया गया।]। शेखपुरा के संयुक्त कृषि भवन में जिला स्तरीय ‘प्रशिक्षण सह कार्यशाला खरीफ महाअभियान 2026’ का भव्य आयोजन किया गया [cite: शेखपुरा: जिले के किसानों को खरीफ फसल और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आज संयुक्त कृषि भवन, शेखपुरा में जिला स्तरीय ‘प्रशिक्षण सह कार्यशाला खरीफ महाअभियान 2026’ का आयोजन किया गया।]। इस विशेष कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी ने उन्हें ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के प्रतीक स्वरूप एक पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ‘किसान पंजीकरण’ अनिवार्य
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि हर छोटे-बड़े किसान का सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना बेहद जरूरी है:
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लाभ पाने की पहली सीढ़ी: अपर समाहर्ता ने कहा, “किसान पंजीकरण ही सरकार की तमाम कृषि कल्याणकारी योजनाओं और सबसिडी का सीधे लाभ पाने की पहली सीढ़ी है”।
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सीधे बैंक खाते में आएगी सहायता: डिजिटल पंजीकरण होने से सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता और अनुदान बिना किसी बिचौलिए के सीधे वास्तविक किसानों के बैंक खातों तक पहुंचेगी।
जमीन का नामांतरण (म्यूटेशन) तुरंत कराएं किसान: अपर समाहर्ता
इस कार्यशाला के दौरान भूमि सुधार और राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने पर विशेष रूप से विस्तृत चर्चा की गई। अपर समाहर्ता ने किसानों को अपनी पैतृक भूमि का रिकॉर्ड सुधारने के लिए कड़े निर्देश और आसान प्रक्रिया की जानकारी दी:
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दादा-परदादा के नाम पर जमीन तो उठाएं ये कदम: उन्होंने निर्देश दिया कि जिन किसानों की कृषि भूमि आज भी उनके दादा-परदादा या पूर्वजों के नाम पर दर्ज है, वे बिना किसी देरी के तुरंत अपने नाम पर मोटेशन (नामांतरण) कराएं।
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क्या है म्यूटेशन की प्रक्रिया: इसके लिए किसान सबसे पहले अपने स्थानीय सरपंच से वंशावली (पारिवारिक ट्री) प्रमाणपत्र प्राप्त करें। इसके बाद जमीन के खाता-खसरा के कागजात के साथ ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर अंचलाधिकारी (CO) से अपने नाम की नई रसीद कटवाएं।
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लोन और योजनाओं में नहीं आएगी दिक्कत: भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त और अपडेट रहने से किसानों को भविष्य में कृषि लोन (लोन) लेने या किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने में कोई प्रशासनिक अड़चन नहीं आएगी।
खरीफ सीजन के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध
कार्यशाला में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को इस खरीफ सीजन में बेहतर पैदावार के लिए उन्नत बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी [cite: किसानों को बताया गया कि खरीफ सीजन के लिए शंकर धान और शंकर मक्का के उन्नत बीज जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।]:
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शंकर धान और मक्का के बीज: किसानों को जानकारी दी गई कि इस बार खरीफ बुआई के लिए ‘शंकर धान’ और ‘शंकर मक्का’ के उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज जिला कृषि कार्यालय में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जिन्हें किसान प्राप्त कर सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला में सहायक निदेशक शस्य, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी, किसान समन्वयक सहित क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया [cite: कार्यशाला में सहायक निदेशक शस्य, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, किसान समन्वयक समेत कई प्रगतिशील किसान मौजूद थे।]। इस पूरे महाअभियान का मुख्य और अंतिम उद्देश्य जिले के किसानों को आधुनिक तकनीक और खरीफ बुआई के लिए समय रहते तैयार करना है, ताकि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाकर अपनी कृषि आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर सकें [cite: आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ बुआई के लिए तैयार कर सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाना है
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
एडिटर (Allrights Magazine)

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