बरेली हाईवे पर लगेगा ATMS, कटेगा चालान
हाईटेक होगा बरेली-सितारगंज हाईवे और रिंग रोड: NHAI लगाएगा ATMS प्रणाली, स्वदेशी कैमरों से कटेगा ई-चालान
बरेली: बरेली-सितारगंज हाईवे और निर्माणाधीन रिंग रोड पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ी तकनीकी पहल की है। एनएचएआई पूरे मार्ग पर उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (Advanced Traffic Management System – ATMS) लागू करने जा रहा है। इस पूरी परियोजना के तहत हाईवे और रिंग रोड को हाईटेक निगरानी तंत्र से लैस किया जाएगा।
स्वदेशी कैमरों से निगरानी और ऑटोमैटिक ई-चालान व्यवस्था एनएचएआई द्वारा मार्ग पर पूरी तरह से स्वदेशी अत्याधुनिक कैमरे स्थापित किए जाएंगे, जिनकी सीधी निगरानी एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जाएगी। इस प्रणाली की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
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नियम तोड़ने वालों पर नकेल: ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार) और लेन अनुशासन का उल्लंघन करने वाले वाहनों की कैमरे स्वतः पहचान करेंगे।
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डिजिटल ई-चालान: नियम तोड़ने वाले वाहनों का ऑटोमैटिक ई-चालान जनरेट होकर सीधे ट्रैफिक पुलिस के पास कार्रवाई हेतु चला जाएगा।
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ब्लैक स्पॉट की पहचान: हादसों के मूल कारणों का सटीक डेटा जुटाया जाएगा, जिससे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) में सुधार के ठोस उपाय किए जा सकें।
आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए बनेंगी सुरक्षा दीवारें हाईवे पर अक्सर हादसों का सबब बनने वाले आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए भी एनएचएआई ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। हाईवे और रिंग रोड के संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा दीवारें और फैंसिंग बनाई जाएगी, जिससे सड़क पर पशुओं का प्रवेश रुक सके। इस हाईटेक व्यवस्था से न केवल सड़क हादसों में भारी कमी आएगी, बल्कि बरेली और आसपास के क्षेत्रों में यातायात संचालन अधिक सुरक्षित और अनुशासित हो सकेगा।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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