एनकाउंटर के बाद मौके से बरामदगी
एसटीएफ के साथ साहसिक मुठभेड़ में ₹1 लाख का इनामी शार्प शूटर संजीव उर्फ संजय ढेर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई में लखनऊ के चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर और ₹1,00,000 के वांछित इनामी अपराधी संजीव कुमार उर्फ संजय उर्फ संजू को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यह शातिर अपराधी कुख्यात दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग का सक्रिय सदस्य था, जिसने उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में हत्या, लूट और डकैती जैसी जघन्य घटनाओं को अंजाम देकर आतंक मचा रखा था।
मुठभेड़ का समय, स्थान और बरामदगी
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समय व दिनांक: 27 जून 2026, प्रातः लगभग 04:08 बजे।
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स्थान: फैजाबाद रोड से किसान पथ पर जुग्गौर रेगुलेटर मोड़ के पास, थानाक्षेत्र बी०बी०डी०, कमिश्नरेट लखनऊ।
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अभियुक्त से बरामद सामग्री:
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01 अदद पिस्टल (30 बोर)
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01 अदद कारबाइन (30 बोर)
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01 अदद बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
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01 अदद बैग
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इस तरह एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर दिया अंजाम
एसटीएफ को खुफिया जानकारी मिली थी कि संजीव कुमार (पुत्र हरीराम, निवासी ग्राम चककोदार, अम्बेडकरनगर) लखनऊ में अपने किसी साथी से मिलने और एक नई वारदात को अंजाम देने आ रहा है। इस सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की तीन टीमों (टीम-ए, टीम-बी, टीम-सी) और एक बैकअप टीम का गठन किया गया।
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घेराबंदी और पीछा: प्रातः करीब 03:50 बजे मुखबिर के इशारे पर जब एएसपी दीपक कुमार सिंह ने बाइक सवार संजीव को रुकने का आदेश दिया, तो उसने बाइक की रफ्तार बढ़ाकर भागने का प्रयास किया। एसटीएफ टीमों ने तुरंत उसका पीछा शुरू किया।
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बदमाश द्वारा फायरिंग: आगे टीम-सी द्वारा की गई घेराबंदी को देखकर उसने बाइक को जुग्गौर रेगुलेटर मोड़ की तरफ मोड़ा, जहां वह अनियंत्रित होकर गिर गया। खुद को घिरता देख बदमाश ने झाड़ियों और दीवार की आड़ लेकर एसटीएफ टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
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बुलेट प्रूफ जैकेट ने बचाई जान: बदमाश द्वारा की गई फायरिंग के दौरान एक गोली मुख्य आरक्षी आलोक रंजन की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि अन्य गोलियां एएसपी दीपक कुमार सिंह और निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह के पास से गुजर गईं।
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कारबाइन निकालने पर आत्मरक्षार्थ फायरिंग: जब बदमाश ने अपने पिट्टू बैग से कारबाइन निकालकर जान से मारने की नीयत से दोबारा फायर करने की कोशिश की, तब एसटीएफ टीम ने आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें वह घायल होकर गिर गया। उसे तुरंत इलाज के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भाड़े पर हत्या (सुपारी किलिंग) करने का इतिहास
पूछताछ और जांच में सामने आया कि संजीव एक पेशेवर ‘शार्प शूटर’ था। वह पूर्व में हत्या के एक मामले में 12 साल जेल में रहने के बाद वर्ष 2023 में रिहा हुआ था। रिहा होने के बाद उसने दोबारा भाड़े पर हत्या करने का धंधा शुरू किया और 27 मई 2026 को दिनेश यादव से सुपारी लेकर लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।
प्रमुख आपराधिक वारदातें
संजीव उर्फ संजय के खिलाफ अम्बेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, गोंडा और लखनऊ के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और डकैती के दर्जनों मामले दर्ज थे। उसके द्वारा कारित कुछ मुख्य घटनाएं इस प्रकार हैं:
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वर्ष 2011 (अम्बेडकरनगर): विजय प्रताप की लूट के बाद हत्या (थाना महरूआ)।
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वर्ष 2011 (फैजाबाद/अयोध्या): छोट लाल और श्रीमती कुसुम पांडेय से तमंचा दिखाकर लूटपाट (थाना हैदरगंज)।
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वर्ष 2011 (बस्ती): ज्वैलर्स लाल बहादुर सोनी की दुकान में घुसकर लूट और विरोध करने पर उनकी गोली मारकर हत्या (थाना छावनी)।
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वर्ष 2026 (लखनऊ): प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की सुपारी लेकर हत्या (थाना पी०जी०आई०)।
अग्रिम वैधानिक कार्रवाई
इस मुठभेड़ के संबंध में थाना बी०बी०डी०, कमिश्नरेट लखनऊ पर मु०अ०सं० 202/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (1), 352 और 3/7/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया है। मामले की अग्रिम वैधानिक जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
(गोपाल चन्द्र अग्रवाल,संपादक)
(एडिटर (Allrights Magazine)

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