**इलाहाबाद HC: तालाब भूमि सीमांकन का आदेश**
प्रयागराज: तालाब भूमि सीमांकन के निर्देश
प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राजस्व अधिकारियों द्वारा निर्माण ध्वस्त किए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित तालाब भूमि का नए सिरे से सीमांकन करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पीड़ित पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
क्या है पूरा मामला?
रामपुर जिले के मिलक निवासी याची शब्बीर ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने राजस्व अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों ने बिना उचित जांच-पड़ताल के उनके मालिकाना हक वाले भूमिधरी भूखंड संख्या 223 पर बने निर्माण को अवैध बताकर ध्वस्त कर दिया।
याची का कहना है कि असली तालाब भूमि भूखंड संख्या 222 है, जिस पर विपक्षी लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, लेकिन प्रशासन ने उस पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी निजी संपत्ति को निशाना बनाया। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजस्व विभाग को सही सीमांकन कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
गोपाल चन्द्र अग्रवाल,
सीनियर एडिटर (Allrights Magazine)

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