बिहार में इको-टूरिज्म को बढ़ावा

बिहार के जंगलों-झीलों में इको-टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट: 27 डैम और 247 तालाबों पर निवेश का न्योता, 9 जून को होगी बड़ी बैठक

 बिहार में पर्यटन और पर्यावरण को एक साथ जोड़कर राज्यों में रोजगार और राजस्व बढ़ाने के लिए ‘पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग’ ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। राज्य के जंगलों, प्राकृतिक झीलों और जलाशयों में इको-टूरिज्म (Eco-tourism) की अपार संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने निजी निवेशकों को बड़ा न्योता दिया है। पटना स्थित अरण्य भवन में विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में प्रमुख निवेशकों और औद्योगिक संगठनों के साथ एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बैठक संपन्न हुई।

27 डैम और 247 तालाब-पोखर स्थलों की हुई पहचान

बैठक के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF हॉफ) अरविंदर सिंह ने विभाग की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की:

  • भीमबांध परियोजना: उन्होंने बताया कि मुंगेर की प्रसिद्ध भीमबांध परियोजना के लिए ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ (RFP) पहले ही सार्वजनिक रूप से जारी किया जा चुका है।

  • साइट्स का चयन: इसके साथ ही विभाग ने ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी करते हुए राज्य के भीतर 27 प्रमुख डैम साइट्स और 247 ऐतिहासिक व प्राकृतिक तालाब-पोखर स्थलों को चिन्हित किया है। इन सभी चुनिंदा स्थलों पर अब निजी निवेशकों को बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

‘बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) मॉडल पर होगा विश्वस्तरीय विकास

बिहार सरकार इन चिन्हित पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर की आधुनिक सुविधाओं और अवसंरचना (Infrastructure) के साथ लैस करना चाहती है:

  • निजी क्षेत्र की भागीदारी: इन सभी परियोजनाओं को पूरी तरह “बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर” (BOT) यानी ‘बनाओ, चलाओ और हस्तांतरित करो’ मॉडल पर संचालित किया जाएगा।

  • टूरिज्म हब: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Mode) को बढ़ावा देकर इन स्थलों पर बोटिंग, ट्री-हाउस, नेचर ट्रेल्स, कैंपिंग साइट्स और कैफेटेरिया जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

9 जून को निवेशकों का महाजुटान; चैंबर और CII को आमंत्रण

इस प्रारंभिक बैठक का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को विभाग द्वारा जारी किए गए RFP और EOI के तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देना था। इसके साथ ही एक बड़े रोडमैप पर काम शुरू कर दिया गया है:

  • महाबैठक की रणनीति: आगामी 9 जून 2026 को पटना में एक बड़ी और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने की रणनीति बनाई गई है।

  • दिग्गज होंगे शामिल: इस महाबैठक में देश और राज्य के प्रतिष्ठित उद्योग संगठनों, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और पर्यटन क्षेत्र के बड़े राष्ट्रीय निवेशकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। विभाग ने निजी निवेशकों से बिहार को देश का प्रमुख इको-टूरिज्म हब बनाने में सहयोग की पुरजोर अपील की है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में करीब 25 प्रमुख निवेशकों, होटल व्यवसायियों और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल हुए। सरकारी तंत्र की ओर से बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन (BSTDC) के प्रबंध निदेशक (MD) नंद किशोर, विभाग के विशेष सचिव आलोक कुमार, मुख्य वन संरक्षक (CCF) अमित, प्रोजेक्ट डायरेक्टर नेशामणि, वन संरक्षक सत्यजीत कुमार और पटना जू के निदेशक हेमंत पाटिल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।


(पटना – जया कुमारी)

गोपाल चन्द्र अग्रवाल,सीनियर एडिटर

(Allrights Magazine)


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